मैहतपुर में प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से लदी चार गाड़ियां पकड़ीं, वन विभाग ने जांच शुरू की
मैहतपुर में वन विभाग की टीम ने नाके के दौरान प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से लदी चार गाड़ियों को पकड़कर कब्जे में लिया है। वाहनों को जांच के लिए घंडावल पहुंचाया गया है। विभाग लकड़ी के स्रोत, संबंधित भूमि के स्वामित्व और परिवहन दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि लकड़ी निजी भूमि से काटी गई थी या सरकारी भूमि से।
ऊना/मैहतपुर/वीरेंद्र बन्याल
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ी गई गाड़ियां मडाला और बुंगर क्षेत्र से संबंधित हैं। वन विभाग को आशंका है कि लकड़ी निजी भूमि से काटकर लाई जा रही थी, लेकिन इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग संबंधित भूमि के दस्तावेजों और लकड़ी से जुड़े कागजात की जांच कर रहा है, ताकि इसके वास्तविक स्रोत और भूमि के स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
जांच के दौरान लकड़ी के परिवहन की अनुमति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। वन उपज के परिवहन के लिए निर्धारित नियमों के तहत कई मामलों में ट्रांजिट परमिट जरूरी होता है। विभाग यह पता लगा रहा है कि पकड़े गए वाहनों के पास आवश्यक और वैध अनुमति थी या नहीं। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में गाड़ियों का संभावित गंतव्य शाहपुर मंडी बताया गया है। हालांकि लकड़ी वास्तव में कहां ले जाई जा रही थी और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेज वैध हैं या नहीं, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद होगा। डीएफओ विकल्प यादव ने बताया कि चारों गाड़ियों को कब्जे में लिया गया है। लकड़ी के स्रोत, भूमि के स्वामित्व और परिवहन दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।