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Milk MSP / दूध के एमएसपी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / बिलासपुर

Milk MSP : प्रदेश सरकार द्वारा दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के निर्णय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। पशुपालकों को अब उनकी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है, जिससे आय में स्थिरता और वृद्धि देखने को मिल रही है। इस पहल का असर खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

बिलासपुर

दूध के एमएसपी से मिला आर्थिक संबल

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया है। इस फैसले से किसानों और पशुपालकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिली है और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में सकारात्मक बदलाव आया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा पशुपालन का रुझान

सरकार के इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जा रहा है, जहां पशुपालन आजीविका का मुख्य साधन है। अब पशुपालकों को अपने उत्पाद का सुनिश्चित मूल्य मिलने से इस व्यवसाय के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ा है। इससे न केवल आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।

पशुपालकों के अनुभव

बिलासपुर के चंगर निवासी किसान किशन लाल ने बताया कि वह दो भैंसें पालते हैं और प्रतिदिन 4 से 5 लीटर दूध बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं। वहीं लखनपुर की पानो देवी और जुखाला के धमथल गांव की रीना देवी ने भी सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें दूध के बेहतर मूल्य मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

उत्पादन और योजनाओं का लाभ

उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन डॉ. किशोरी लाल शर्मा के अनुसार जिला बिलासपुर में 7490 किसानों के माध्यम से प्रतिदिन 30,446 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। विभाग द्वारा फ्राइट सब्सिडी योजना के तहत किसानों को प्रति लीटर 3 रुपये सब्सिडी और 3 रुपये इंसेंटिव भी दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन को और बढ़ावा मिल रहा है।

प्रशासन की भूमिका

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।