लाहड़ी क्षेत्र में बंदरों के हमले से 5 लोग घायल, स्थानीय लोगों ने समाधान की मांग उठाई
चंबा शहर के हरदासपुरा वार्ड स्थित लाहड़ी क्षेत्र में बंदरों के हमले में एक महिला सहित पांच लोग घायल हो गए। स्थानीय निवासियों ने आबादी वाले क्षेत्रों में बंदरों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताते हुए वन विभाग से प्रभावी प्रबंधन उपायों की मांग की है।
चंबा
लाहड़ी क्षेत्र में पांच लोग हुए घायल
चंबा शहर के हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी क्षेत्र में रविवार को बंदरों के हमले में पांच लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान राजेंद्र, मोहिंद्र, चंपा देवी, सलीम कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के बाद घर भेज दिया गया।
स्थानीय लोगों ने बढ़ती गतिविधियों पर जताई चिंता
स्थानीय निवासियों के अनुसार हरदासपुरा और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों की गतिविधियां पिछले कुछ समय से बढ़ी हैं। लोगों का कहना है कि बंदर घरों की छतों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार दिखाई दे रहे हैं, जिससे दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। कई परिवारों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय लोगों के अनुसार भोजन सामग्री लेकर जाने वाले लोगों के पास भी बंदर पहुंच जाते हैं और कई बार आक्रामक व्यवहार करते हैं।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ी बंदरों की मौजूदगी
स्थानीय निवासियों का मानना है कि धार्मिक स्थलों और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों द्वारा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने के कारण बंदरों की मौजूदगी बढ़ी है। उनका कहना है कि भोजन की सहज उपलब्धता के चलते बंदर जंगलों के बजाय आबादी वाले क्षेत्रों में अधिक समय बिताने लगे हैं। इससे मानव और वन्यजीव संपर्क की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
वन विभाग से की गई कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से प्रभावित इलाकों में आवश्यक प्रबंधन उपाय लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या और गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी और नियंत्रण उपायों को प्रभावी बनाने का आग्रह किया है।
वन विभाग ने जारी किए निर्देश
इस संबंध में डीएफओ कृतज्ञ ने बताया कि वन विभाग द्वारा बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।