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Monsoon / हिमाचल में मानसून पूरी तरह सक्रिय, अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट; सिरमौर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश से मिली राहत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Monsoon : हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेशभर में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने से लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए 2 और 3 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा का अनुमान लगाया है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मानसून की पहली व्यापक बारिश दर्ज की गई। जिला सिरमौर सहित कई इलाकों में झमाझम बारिश होने से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। वहीं मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक प्रदेश में मानसून के बेहद सक्रिय रहने की चेतावनी जारी की है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से करीब पांच दिन की देरी से हिमाचल पहुंचा, लेकिन अब पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले चुका है। राजधानी शिमला समेत अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने सिरमौर, शिमला, मंडी, कांगड़ा और एक अन्य जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। विभाग के अनुसार 2 और 3 जुलाई को प्रदेश में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुछ स्थानों पर वर्षा का आंकड़ा 10 सेंटीमीटर तक पहुंच गया।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि जून महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 22 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में भी कुल वर्षा सामान्य से कुछ कम रहने की संभावना है, लेकिन इसके बावजूद बीच-बीच में भारी और अत्यधिक भारी बारिश के तीव्र दौर आते रहेंगे।उन्होंने कहा कि पूरे मानसून सीजन में भी सामान्य से करीब 10 प्रतिशत तक कम बारिश का अनुमान है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि भारी बारिश नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं।

मौसम विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मडस्लाइड और नदी-नालों के उफान का खतरा जताया है। विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, खड्डों तथा भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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