गुरुद्वारा नानक दरबार बद्रीपुर में संपन्न हुआ 15 दिवसीय गुरमत प्रशिक्षण शिविर
पांवटा साहिब के गुरुद्वारा नानक दरबार, बद्रीपुर में आयोजित 15 दिवसीय समर गुरमत प्रशिक्षण शिविर का उत्साहपूर्ण समापन हुआ, जिसमें 50 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों को गुरबाणी, सिख इतिहास, गुरु परंपरा, दस्तार की महत्ता और धार्मिक मूल्यों की जानकारी देने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।
पांवटा साहिब
गुरुद्वारा नानक दरबार, बद्रीपुर में आयोजित 15 दिवसीय समर गुरमत प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुरबाणी, सिख इतिहास और सिख धर्म की मूल शिक्षाओं से जोड़ना रहा। शिविर में 50 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सेवादार गुरजीत सिंह नंबरदार ने बताया कि शिविर के दौरान गुरबाणी कंठ, दस्तार सजाने, चित्रकला, कीर्तन, कविता पाठ, भाषण, प्रश्नोत्तरी और गुरमत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए। धर्म प्रचार कमेटी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, अमृतसर की ओर से भी बच्चों को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किए गए।
शिविर के दौरान प्रचारक भाई परमजीत सिंह और जसवीर सिंह हंस ने बच्चों को सिख इतिहास, गुरु परंपरा, चार साहिबजादों और बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन तथा उनके बलिदान से अवगत कराया। बच्चों को सिख की सही परिभाषा, मूल मंत्र का अर्थ, गुरबाणी के संदेश तथा दस्तार के धार्मिक और सामाजिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही दस्तार सजाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया।
शिविर में श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज और श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की महान शहादत पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक विरासत, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।शिविर को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरविंदर पाल सिंह धालीवाल, चरणजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, गुरजीत सिंह नंबरदार, अमरीक सिंह, कश्मीर सिंह, मनिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह सनी, हरदीप सिंह, संगत कौर सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।