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नाहन मेडिकल कॉलेज बदहाली की कगार पर, जन आंदोलन छेड़ेगी भाजपा : डॉ. राजीव बिंदल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरमौर के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मरीजों को बुनियादी इलाज के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो भाजपा जनता के साथ मिलकर व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगी।

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सीटी स्कैन-अल्ट्रासाउंड सेवाएं ठप, ऑपरेशन के लिए 15-15 दिन इंतजार, डायलिसिस सुविधा भी जवाब दे रही। जिला भाजपा कार्यालय दीपकमल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. बिंदल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी के कारण सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड सहित महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रभावित हैं। ऑपरेशन थिएटर भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहे हैं, जिसके चलते ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी और स्त्री रोग विभाग में मरीजों को ऑपरेशन के लिए 15-15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में नए विभाग, विशेषज्ञ चिकित्सक और बेड बढ़ाए जा रहे हैं, जबकि नाहन मेडिकल कॉलेज लगातार उपेक्षा का शिकार है। भवन विस्तार नहीं होने से न नए विभाग खुल पा रहे हैं और न ही चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। पोस्ट ग्रेजुएशन की व्यवस्था भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे यह संस्थान लगातार पिछड़ता जा रहा है।

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि डायलिसिस जैसी जीवनरक्षक सेवा भी गंभीर संकट से गुजर रही है। मेडिकल कॉलेज में केवल चार डायलिसिस बेड हैं, जबकि मरीजों की संख्या कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत जिन गरीब मरीजों का नियमित डायलिसिस हो जाता था, अब कई मरीज आर्थिक तंगी के कारण उपचार तक नहीं करा पा रहे हैं। लंबी वेटिंग सूची के कारण गंभीर मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था को लेकर पूरे सिरमौर में भारी जनाक्रोश है। यदि सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, डायग्नोस्टिक सेवाओं की बहाली, ऑपरेशन थिएटरों के नियमित संचालन और डायलिसिस सुविधाओं के विस्तार के लिए तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेगी और जन आंदोलन शुरू करेगी।