कार्यकारी अधिकारी के लंबी छुट्टी पर जाने से नाहन नगर परिषद हुई निष्क्रिय, कई विकास कार्य अटके, जनता में भारी नाराजगी
नगर परिषद नाहन के कार्यकारी अधिकारी के लंबी छुट्टी पर जाने से शहर के विभिन्न विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। नई नगर परिषद के गठन के बाद दो जनरल हाउस हो चुके हैं और इनमें शहर के विकास के साथ साथ विभिन्न वार्डों से जुड़े कई विकास कार्यों के प्रस्ताव भी रखे गए, लेकिन अधिकारी की गैरमौजूदगी में इन कार्यों को गति नहीं मिल पा रही।
नाहन
टूटी गलियों और सड़कों की मरम्मत से लेकर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या तक का समाधान अटकने से पार्षदों को भी अपने-अपने वार्ड में लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं कई लोग अपने कामकाज और दस्तावेजों की दुरुस्ती को लेकर नगर परिषद में पहुंच रहे हैं, लेकिन ईओ साहब के सीट पर न बैठे होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के लंबी छुट्टी पर जाने को लेकर शहर में भी चर्चा है। अधिकारी के छुट्टी पर जाने के बाद उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में नगर परिषद के विकास से जुड़े फैसलों और कामों को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। जानकारी मिली है कि कार्यकारी अधिकारी 4 अक्टूबर तक छुट्टी पर हैं। हालांकि, उन्हें 25 सितंबर को छुट्टी से लौटना था, लेकिन किसी वजह से उन्होंने आगे छुट्टियां बढ़ा दीं।
वार्डों में विकास कार्यों को लेकर बढ़ रही परेशानी
नगर परिषद के दो जनरल हाउस में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की जरूरतों से जुड़े विकास कार्यों को लेकर प्रस्ताव रखे थे। इनमें सड़क, गलियों और अन्य जरूरी सुविधाओं से संबंधित काम शामिल हैं। लेकिन अधिकारी की गैरमौजूदगी के कारण इन प्रस्तावों पर अपेक्षित गति से काम नहीं हो पा रहा।
वहीं शहर के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां खराब हालत में हैं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। इन समस्याओं को लेकर लोग पार्षदों से जवाब मांग रहे हैं, लेकिन परिषद स्तर पर काम आगे न बढ़ने से पार्षद भी असहज स्थिति में हैं।
अधिकारी की गैरमौजूदगी का ये असर
कार्यकारी अधिकारी के बिना नगर परिषद के विकास कार्यों से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। जो काम शुरू हो चुके हैं, उनकी भी रफ्तार पर असर पड़ा है। लंबे समय से ठेकेदारों को पेमेंट नहीं हो पाने के कारण कई कामों के आगे बढ़ने में भी दिक्कत आ रही है। शहर के विकास के साथ कई अन्य ऐसे कार्य भी हैं, जो लोगों के व्यक्तिगत हैं। रोजाना ऐसे कामों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। लोग नगर परिषद के चक्कर काटते थक चुके हैं, जहां से जवाब यही मिल रहा है कि ईओ साहब छुट्टी पर हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि अधिकारी के छुट्टी पर जाने से नगर परिषद का कामकाज सुचारु रखने के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही, ताकि कार्यों को गति दी जा सके।
नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान ने माना कि कार्यकारी अधिकारी छुट्टी पर गए हैं। उन्होंने माना कि लंबी छुट्टी पर जाने के कारण विकासात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इस समस्या के बारे में स्थानीय विधायक अजय सोलंकी को भी अवगत करवाया है।
उधर, विधायक अजय सोलंकी ने बताया कि समस्या का जल्द उचित समाधान किया जाएगा। वहीं, कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि वह अस्वस्थ चल रहे हैं। इसके चलते वह छुट्टी पर गए हैं। इससे ज्यादा वह किसी भी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।