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3 महीने बाद भी शपथ नहीं… आखिर सरकार के किस दबाव में है प्रशासन? : डॉ. राजीव बिंदल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

नाहन नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के शपथ ग्रहण में तीन महीने की देरी को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की। डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि शपथ में देरी से नगर परिषद के विकास कार्य और कई प्रशासनिक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।

नाहन

नाहन नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के शपथ ग्रहण में करीब तीन महीने की देरी को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नाहन के पूर्व विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को डॉ. बिंदल के नेतृत्व में नगर परिषद के उपाध्यक्ष और भाजपा पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त प्रियंका वर्मा से मुलाकात कर शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाने की मांग उठाई।उपायुक्त से मिलने से पहले पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बिंदल ने कहा कि 17 मई को नाहन नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए थे, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शपथ नहीं ले सके हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को आज तक अपने अधिकारों और दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर नहीं मिला है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले चुनाव की अधिसूचना जारी करने में देरी की, फिर शपथ ग्रहण टाल दिया और उसके बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी लंबे समय तक लटकाए रखी। डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा के बहुमत के बावजूद चुनाव को लॉटरी तक पहुंचाया गया, जिसमें विधायक के मत को शामिल कर कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष चुने गए।डॉ. बिंदल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अलग-अलग दलों के समर्थित होने के बावजूद सरकार नाहन के विकास को प्राथमिकता देगी, लेकिन सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आज तक दोनों का शपथ ग्रहण ही नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इसके कारण नगर परिषद की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं का समाधान भी अटका हुआ है।

उन्होंने कहा कि नगर परिषद के अधिकारी भी कई मामलों में यह कहकर हाथ खड़े कर देते हैं कि जब तक निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष विधिवत कार्यभार ग्रहण नहीं करते, तब तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लेना संभव नहीं है। डॉ. बिंदल ने सवाल उठाया कि “आखिर सरकार के किस दबाव में प्रशासन काम कर रहा है कि तीन महीने बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का शपथ ग्रहण नहीं कराया जा रहा?”उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए और निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस तरह अधिकारों से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से बिना किसी और देरी के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर नगर परिषद को नियमित रूप से कार्यशील बनाने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल में नगर परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा, पार्षद पूजा तोमर, सीमा अत्री, संजय चौहान, कौशल्या सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी एवं पार्षद भी मौजूद रहे।

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