जिन हाथों में पत्थर थे, आज उन्हीं हाथों से बरसे फूल; नाहन में फिर जीता भाईचारा
शुक्रवार के खूनी संघर्ष के बाद गोबिंदगढ़ में सिख समुदाय ने फूलों की बारिश से किया वाल्मीकि शोभायात्रा का स्वागत, तनाव के साये में निकली यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न; विधायक अजय सोलंकी और प्रशासन की सूझबूझ भी रही अहम
नाहन
जिन हाथों में शुक्रवार को पत्थर थे, रविवार को उन्हीं हाथों में फूल थे। जिन गलियों में दो दिन पहले पत्थरों की बरसात हुई थी, वहीं आज श्रद्धा और सद्भाव के फूल बरसे। नाहन में भगवान वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव पर निकली शोभायात्रा के दौरान मोहल्ला गोबिंदगढ़ में दिखा यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। शुक्रवार को दो समुदायों के बीच हुए खूनी संघर्ष, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने और वाल्मीकि समुदाय के धार्मिक स्मारक को नुकसान पहुंचने के बाद शहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। रविवार की शोभायात्रा को लेकर भी किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी, लेकिन तमाम आशंकाओं के बीच सिख समुदाय ने जिस तरह आगे बढ़कर स्वागत किया, उसने नाहन में भाईचारे की उम्मीद फिर जगा दी।

गोबिंदगढ़ में सिख समुदाय के सैकड़ों महिला-पुरुष, बच्चे, युवा और बुजुर्ग घंटों तक शोभायात्रा के इंतजार में खड़े रहे। हाथों में फूल-मालाएं लेकर उन्होंने वाल्मीकि समुदाय के श्रद्धालुओं और झांकियों का स्वागत किया। फूल बरसाए, मीठा शरबत और फल बांटे तथा एक-दूसरे को गले लगाकर प्रकटोत्सव की शुभकामनाएं दीं। दो दिन पहले जिस माहौल में तनाव और टकराव का डर था, उसी माहौल में इस तरह का स्वागत न केवल भावुक करने वाला रहा, बल्कि सामाजिक सद्भाव की बड़ी मिसाल भी बना। सिख समुदाय के जागरूक युवाओं और गणमान्य लोगों ने बीती घटना पर खेद जताते हुए मतभेद भुलाकर भाईचारे को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
विधायक अजय सोलंकी ने श्री वाल्मीकि मंदिर में भगवान वाल्मीकि जी को प्रसाद अर्पित कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने दोनों समुदायों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और करुणा का संदेश देती हैं। नाहन की पहचान हमेशा आपसी प्रेम और धार्मिक सौहार्द से रही है। शुक्रवार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन आज दोनों समुदायों ने संयम और समझदारी दिखाकर यह साबित किया कि नफरत और तनाव से ऊपर उठकर शांति का रास्ता चुना जा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि भविष्य में संवाद और आपसी सम्मान के जरिए मतभेद सुलझाएं, ताकि शहर की साझा विरासत और भाईचारा मजबूत बना रहे।

भगवान राम, माता सीता और भगवान वाल्मीकि जी की आकर्षक झांकियों तथा बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा में विधायक सबसे आगे रहे। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रूपेंद्र ठाकुर, पार्षद नरेंद्र तोमर, राकेश गर्ग उर्फ पपली और सुमित सहित अन्य लोग भी शामिल हुए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी कुलबीर सिंह भी शोभायात्रा में आगे रहे। तनावपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। यात्रा बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
आयोजन में वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष विजय चौरिया, उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा, उपाध्यक्ष संजय सोढ़ी, राजकुमार, विशाल चौरिया, दीपक चनालिया, दीपक सोडा, सागर, अशोक, लवली, हरिश, कल्याण और यशपाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। शुक्रवार की हिंसा ने नाहन के भाईचारे पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन रविवार को गोबिंदगढ़ में फूल बरसाते हाथों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शहर की असली ताकत आपसी सद्भाव में है। अब इस पहल को स्थायी विश्वास में बदलना सभी की साझा जिम्मेदारी है।