वामन द्वादशी मेले में आस्था का सैलाब, विधायक अजय सोलंकी ने श्री नृसिंह महाराज की पालकी को दिया पहला कंधा
रियासतकालीन परंपरा के बीच निकली देव पालकियों की भव्य शोभायात्रा, सड़कों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
नाहन
रियासतकाल से चली आ रही नाहन की ऐतिहासिक वामन द्वादशी मेले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा बुधवार को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जीवंत हो उठी। वामन मेले के शुभारंभ अवसर पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने श्री नृसिंह मंदिर, नोनी का बाग में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने हवन में आहुति डालकर आरती की और इसके बाद प्राचीन परंपरा के अनुसार श्री नृसिंह महाराज की पालकी को पहला कंधा देकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
श्री नृसिंह महाराज की पालकी के नगर भ्रमण के लिए रवाना होते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक जयकारों के बीच निकली देव पालकियों की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शहर की सड़कों और बाजारों में जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालु देव पालकियों के दर्शन करने के लिए सड़कों के किनारे खड़े नजर आए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शोभायात्रा में शहर के विभिन्न मंदिरों से आई नौ देव पालकियां मुख्य रूप से शामिल रहती हैं। इनमें श्री नृसिंह मंदिर नोनी का बाग, श्री जगन्नाथ मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, रानीताल शिव मंदिर सहित शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों की पालकियां शामिल होती हैं। देव पालकियों का नगर भ्रमण वामन द्वादशी मेले की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में शामिल है।
वामन द्वादशी मेला नाहन की रियासतकालीन परंपराओं से जुड़ा हुआ है। मेले के दौरान शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और देव पालकियों के नगर भ्रमण के साथ पूरा शहर भक्तिमय हो उठता है। इसके बाद पक्का टैंक में नौकाविहार की परंपरा भी इस मेले का प्रमुख आकर्षण रहती है।
मेले को लेकर शहर के बाजारों में भी विशेष रौनक देखने को मिली। बाहरी क्षेत्रों से पहुंचे दुकानदारों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई हैं। खिलौनों, खान-पान और अन्य सामान की दुकानों के साथ मेले की पहचान बन चुकी जलेबी की दुकानें भी लोगों को आकर्षित करती नजर आईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मेले का आनंद लेते दिखाई दिए।
विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि वामन द्वादशी मेला नाहन की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सदियों से चली आ रही इन परंपराओं के माध्यम से नाहन की समृद्ध विरासत आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर एसडीएम नाहन राजीव संख्यान, नगर परिषद अध्यक्षा उपमा धीमान, एडवोकेट वीरेंद्र पाल शर्मा, पार्षद वासिम खान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन मौजूद रहे।