नाहन के योग शिविर में तिरंगे के कथित अपमान पर एफआईआर, पूर्व सैनिकों ने जताई आपत्ति
योग शिविर में तिरंगे के अपमान का मामला गरमाया, एफआईआर दर्ज; पूर्व सैनिकों ने जताई कड़ी आपत्ति नाहन। नाहन के पक्का टैंक स्थित दीर्घायु योग केंद्र में आयोजित निशुल्क योग शिविर के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में सिरमौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तस्वीर सामने आने के बाद बुद्धिजीवी वर्ग के साथ-साथ पूर्व सैनिकों ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
10 से 13 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे योग शिविर के दौरान सामने आई तस्वीर में राष्ट्रीय ध्वज को मेज के आगे कपड़े की तरह इस्तेमाल किया गया दिखाई दिया था। तस्वीर सामने आने के बाद इसको लेकर सवाल उठने लगे थे। मामला राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया है। एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मामला राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा है, लिहाजा इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारी नागेंद्र ठाकुर वह शहर के प्रबुद्ध व्यक्ति गुलशन कुमार ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है तथा इसकी गरिमा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पूर्व सैनिकों का कहना है कि देश की आन-बान-शान माने जाने वाले तिरंगे के सम्मान को लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग को संवेदनशील रहना चाहिए। खासकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में आयोजकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। मामले में रोटरी क्लब की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।
रोटरी क्लब अध्यक्ष संदीप शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह इस कार्यक्रम में केवल प्रायोजक के तौर पर जुड़े थे। उनके अनुसार कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा और आयोजन की व्यवस्था दीर्घायु योग केंद्र की ओर से तैयार की गई थी। हालांकि, मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज का इस प्रकार इस्तेमाल हुआ तो वहां मौजूद जिम्मेदार लोगों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। रोटरी क्लब को एक जिम्मेदार सामाजिक संस्था के रूप में देखा जाता है और ऐसे में उसके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े किसी भी विषय पर तत्काल आपत्ति दर्ज किए जाने की अपेक्षा स्वाभाविक है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि राष्ट्रीय ध्वज को कार्यक्रम में किस प्रकार और किसकी व्यवस्था के तहत इस्तेमाल किया गया तथा इस मामले में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी बनती है। मामले ने अब सामाजिक और पूर्व सैनिक संगठनों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है। ऐसे में सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगा कि तिरंगे के इस्तेमाल में नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।