NDPS / चिट्टा तस्करी मामले से जुड़ी पांच अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर
NDPS / शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के पास सरकारी भूमि पर बनी पांच अवैध दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। लोक निर्माण विभाग के साथ की गई इस कार्रवाई में एक स्टोर को भी विभाग ने अपने कब्जे में लिया है। मामला पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज चिट्टा तस्करी के केस से संबंधित है।
शिमला/रोहड़ू
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित धन के जरिये खड़ी की गई अवैध संपत्तियों और सरकारी भूमि पर किए गए अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसी रणनीति के तहत पुलिस और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के समीप पांच दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया। इन दुकानों की कीमत लाखों रुपये बताई गई है, जबकि मौके पर मौजूद एक स्टोर को लोक निर्माण विभाग ने अपने नियंत्रण में ले लिया।
आठ महीने में दो प्रमुख संपत्तियों पर कार्रवाई
एएसपी के अनुसार, जिला शिमला में नशा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर इस तरह बुलडोजर चलाने की यह पहली पहल है। इससे पहले 8 अक्तूबर को रोहड़ू क्षेत्र में एक नामी नशा तस्कर के अवैध रेस्टोरेंट को भी ध्वस्त किया गया था। पुलिस के मुताबिक पिछले आठ महीनों के दौरान दो प्रमुख तस्करों द्वारा बनाई गई अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मौजूदा कार्रवाई कोटखाई पुलिस थाने में दर्ज चिट्टा तस्करी के एक अहम मामले से जुड़ी हुई है।
फरवरी 2026 से संपत्तियों की वित्तीय जांच
मेहर पंवर ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अब केवल नशीले पदार्थों की खेप पकड़ने और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस नशा कारोबार से अर्जित धन, अवैध निर्माण और उससे तैयार किए गए आर्थिक तंत्र की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि शिमला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत फरवरी 2026 से तस्करों की संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच शुरू की थी। इसी जांच के आधार पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।