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नेपाल के रसुवा में अचानक बाढ़, वाहन और जलविद्युत परियोजनाएं बहीं ; पांच जिलों में अलर्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने टिमुरे बाजार और सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज बहाव में कई वाहन, सामान, नया पुल और जलविद्युत परियोजनाएं बह गईं, जबकि तीन पुलिस कार्यालय भी प्रभावित हुए हैं। सरकार ने पांच जिलों के नदी तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं।

रसुवा, नेपाल

रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी के अनुसार, टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रसुवा भन्सार क्षेत्र में बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान मौजूद था, जिसे पानी का तेज बहाव अपने साथ ले गया। पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी बह गया। जिला पुलिस कार्यालय के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब नौ बजे आई बाढ़ ने टिमुरे बाजार की बस्ती को अपनी चपेट में लिया।

रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि निचले तटीय इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं के बहने और बस्तियों में पानी घुसने की सूचना मिली है। बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े कई वाहन भी बह गए। बाढ़ का प्रभाव रसुवा से आगे नुवाकोट तक पहुंचा है, जिसकी पुष्टि नुवाकोट जिला प्रशासन कार्यालय के सूचना अधिकारी रूपेश प्रसाद नेपाल ने की। प्रभावित इलाकों में तीन पुलिस कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा है।

चार जिलों की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी

बाढ़ और संभावित खतरे को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। एसपी नरेशराज सुवेदी के अनुसार, स्थिति को देखते हुए इन जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोका जा रहा है। राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जरूरत पड़ने पर तत्काल अभियान चलाने के लिए सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को तैयार रहने का निर्देश दिया है।

पांच जिलों के तटीय क्षेत्रों में चेतावनी

भोटेकोशी नदी में बाढ़ के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन की नदियों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले परिवारों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन ने खोज, बचाव या अन्य सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क करने को कहा है। पृथ्वी राजमार्ग सहित गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी और मुग्लिन-नारायणगढ़ मार्गों पर यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है।

बाढ़ से हुए नुकसान, खोज एवं बचाव और राहत कार्यों पर निर्णय लेने के लिए गृह मंत्री की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमांड पोस्ट की आपात बैठक शुरू की गई। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है। उनके सलाहकार असीम शाह के मुताबिक, प्रधानमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, राहत सामग्री पहुंचाना और जोखिम वाले तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना है।

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