खबर का बड़ा असर: ‘मौत के गड्ढे’ बने एनएच-07 पर हरकत, शुरू हुआ पैचवर्क
Himachalnow / सिरमौर
पांवटा साहिब के बाता पुल से धौला कुआं तक एनएच-07 की बदहाल सड़क को लेकर प्रकाशित खबर का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ‘मौत के गड्ढे’ के नाम से चर्चित इस हाईवे पर ठेकेदार ने पैचवर्क का काम शुरू कर दिया है। लोगों को लंबे समय बाद राहत मिली है, हालांकि कई हिस्सों में अभी भी मरम्मत बाकी है।
पांवटा साहिब
पांवटा साहिब के बाता पुल से धौला कुआं तक एनएच-07 की बदहाल हालत को लेकर प्रमुखता से प्रकाशित खबर का सीधा असर अब जमीन पर दिखने लगा है। “मौत के गड्ढे” के नाम से उजागर किए गए इस खतरनाक हाईवे पर आखिरकार ठेकेदार हरकत में आया और पैचवर्क शुरू कर दिया गया है।गणपति कंस्ट्रक्शन ने डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत धौला कुआं से पांवटा साहिब तक सड़क की मरम्मत शुरू कर दी है। लंबे समय से गड्ढों और दरारों से जूझ रहे इस मार्ग पर काम शुरू होते ही लोगों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, सड़क निर्माण के बाद 3 से 5 साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है कि वह सड़क में आने वाली किसी भी खामी को अपने खर्च पर ठीक करे। बावजूद इसके, लंबे समय से यह हाईवे गहरे गड्ढों और खतरनाक दरारों से भरा पड़ा था, जिससे आए दिन हादसे हो रहे थे और वाहन चालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था।हालांकि एक हिस्से में काम शुरू हो गया है, लेकिन धौला कुआं से मोगीनंद तक का बड़ा हिस्सा अब भी बदहाल स्थिति में है। इस खंड पर एसएस बंसल कंस्ट्रक्शन द्वारा अब तक कोई मेंटेनेंस कार्य शुरू नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि जब एक ठेकेदार डीएलपी के तहत काम शुरू कर सकता है, तो दूसरे हिस्से में देरी क्यों हो रही है। लगातार हादसों के बावजूद जिम्मेदार एजेंसी की सुस्ती सवाल खड़े कर रही है।फिलहाल, आधे अधूरे सुधार से राहत जरूर मिली है, लेकिन पूरा हाईवे दुरुस्त होने तक खतरा टला नहीं है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और ठेकेदारों पर टिकी हैं कि कब तक पूरे एनएच-07 को गड्ढा मुक्त किया जाता है।