लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Nithari Murder Case: निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को सजा-ए-मौत

SAPNA THAKUR | 19 मई 2022 at 6:49 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

निठारी हत्याकांड में गाजियाबाद विशेष सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। दीपिका उर्फ पायल हत्याकांड में कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आईपीसी-302 के तहत मौत की सजा सुनाई है। वहीं, आईपीसी-364 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मनिंदर सिंह पंढेर को अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की धारा 5 के तहत 7 साल कैद की सजा सुनाई गई है।

कोली को 13 मामलों में फांसी की सजा, तीन में बरी
सुरेंद्र कोली को 13 मामलों में सजा-ए-मौत और तीन मामलों में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। अभी तक सिर्फ एक मामले में राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद मेरठ में फांसी दी जानी थी, लेकिन देरी होने से सुप्रीम कोर्ट ने फांसी निरस्त कर दी थी। एक मामले में हाईकोर्ट ने फांसी में देरी मानते हुए आजीवन कारावास में बदल दिया था। सीबीआई कोर्ट से फांसी की सजा होने के बाद इस समय अधिकांश मामले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

दुष्कर्म के बाद हत्या, शव टुकड़े-टुकड़े कर नाले में फेंके
सीबीआई कोर्ट में अभियोजन पक्ष के सीबीआई के लोक अभियोजक दर्शन लाल ने अदालत को बताया था कि काम की तलाश में गई लड़की के साथ सुरेंद्र कोली ने दुष्कर्म किया। बाद में गले में उसी की चुन्नी बांध कर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद उसके शव को बाथरूम में ले जाकर कोली ने शरीर से सर को काटकर अलग कर दिया। शरीर के कई टुकड़े कर अलग-अलग पॉलिथीन में बांधकर रख दिया। इसके बाद बची हुई हड्डियों को कोठी के पीछे नाले में फेंक दिया था।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]