पालू देवता की पहली कांवड़ यात्रा पहुंची राजगढ़, हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए श्रद्धालुओं का जगह-जगह स्वागत
पालू क्षेत्र के आराध्य देव पालू देवता के पिंडी स्नान के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकली पहली कांवड़ यात्रा सोमवार को राजगढ़ पहुंची। यात्रा के पहुंचने पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष के बीच कांवड़ यात्री राजगढ़ से पालू की ओर रवाना हुए। धार्मिक आयोजन के तहत 12 अगस्त को पालू से शोगा तक पारंपरिक जातर यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसके बाद दोपहर एक बजे विशाल भंडारा आयोजित होगा।
सिरमौर/राजगढ़
पालू देवता की पहली कांवड़ यात्रा तीन अगस्त को हरिद्वार से शुरू हुई थी। श्रद्धालु वहां से गंगाजल लेकर पालू देवता के पिंडी स्नान के लिए रवाना हुए थे। यात्रा ने रविवार को जातर थोड़ मठ में रात्रि विश्राम किया और सोमवार सुबह श्रद्धालु कांवड़ लेकर राजगढ़ से पालू की ओर आगे बढ़े। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम और भजन-कीर्तन आयोजित किए गए, जबकि स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। यात्रा के राजगढ़ पहुंचने के बाद क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल
कांवड़ यात्रा में रामस्वरूप शर्मा, रामप्रकाश शर्मा, कृपाराम शर्मा, देवेंद्र शर्मा, अनिल शर्मा, हिमांशु शर्मा, दिव्यांश शर्मा, विक्रम शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, सत्यपाल शर्मा, काशीराम शर्मा, सुभाष शर्मा, नरेश शर्मा, दिनेश शर्मा, कृष्ण शर्मा, तपेंद्र शर्मा, साहिल शर्मा, विशाल शर्मा, तारादत्त शर्मा, मदन शर्मा, बलवीर शर्मा, अनिल शर्मा और संदीप शर्मा सहित अन्य श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। श्रद्धालु हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से पालू देवता के पिंडी स्नान से जुड़े धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
12 अगस्त को पालू से शोगा तक निकलेगी जातर यात्रा
पालू देवता से जुड़े धार्मिक आयोजन के अगले चरण में 12 अगस्त को पालू से शोगा तक पारंपरिक जातर यात्रा निकाली जाएगी। इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। जातर यात्रा के बाद दोपहर एक बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर पालू देवता का आशीर्वाद लेने का आह्वान किया है।