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हाई कोर्ट में अटका पंचायत रोस्टर, आज सुनवाई पर टिकीं सबकी नजरें

PRIYANKA THAKUR • 5 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर का मामला एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गया है। पंचायत रोस्टर जारी होने से ठीक पहले यह मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां आज इस पर सुनवाई होनी है। मामला प्रदेश सरकार द्वारा उपायुक्तों को आरक्षण रोस्टर में 5 फीसदी तक बदलाव करने की दी गई शक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर का मामला एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गया है। पंचायत रोस्टर जारी होने से ठीक पहले यह मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां आज इस पर सुनवाई होनी है।मामला प्रदेश सरकार द्वारा उपायुक्तों को आरक्षण रोस्टर में 5 फीसदी तक बदलाव करने की दी गई शक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी फैसले को अदालत में चुनौती दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, पंचायती राज विभाग को इस मामले में हाई कोर्ट की ओर से जवाब दाखिल करने को कहा गया है। विभाग आज अदालत में अपना पक्ष रखेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर इसका क्या असर पड़ता है।उधर, पंचायती राज संस्थाओं का रोस्टर कल यानी 7 अप्रैल को जारी होना प्रस्तावित है। हालांकि, आज होने वाली सुनवाई के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि रोस्टर तय समय पर जारी हो पाएगा या नहीं।

प्रदेश सरकार ने हाल ही में फैसला लिया था कि उपायुक्त किसी भी आरक्षण रोस्टर में 5 फीसदी तक बदलाव कर सकते हैं। इस निर्णय को लेकर विधानसभा में भी तीखी बहस हुई थी। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे और अदालत में चुनौती की आशंका जताई थी। अब वही मामला न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है।हालांकि, हाई कोर्ट की ओर से पहले ही पंचायती राज विभाग को 7 अप्रैल तक रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिलों में इसकी तैयारी भी लगभग पूरी बताई जा रही है, लेकिन अंतिम स्थिति अब अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

गौरतलब है कि पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया बार-बार न्यायिक दखल के कारण प्रभावित होती रही है। इससे पहले शहरी निकाय चुनावों के लिए शहरी विकास विभाग ने शनिवार को आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया था। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में चुनावी हलचल तेज हो गई है।अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनावी तस्वीर साफ होने का इंतजार है। पंचायत प्रतिनिधियों, संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजरें आज की सुनवाई और कल प्रस्तावित रोस्टर जारी होने की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।