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पीर निगाह मंदिर की बढ़ी आय पर सरकार और प्रशासन की सराहना, छोटे मंदिरों के सहयोग की उठी मांग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 51 Mins Ago • 1 Min Read

ऊना स्थित पीर निगाह मंदिर की आय में पिछले चार महीनों के दौरान हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सरकार एवं प्रशासन की सराहना की है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार, पारदर्शी संचालन और राजस्व में बढ़ोतरी को सकारात्मक पहल बताते हुए आर्थिक रूप से कमजोर धार्मिक स्थलों के लिए भी सहयोगात्मक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

ऊना

श्रद्धालुओं ने कहा कि बेहतर प्रबंधन और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण पीर निगाह मंदिर की आय में वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि के लिए सरकार, प्रशासन तथा खंड विकास अधिकारी चौहान को बधाई दी गई। उनका कहना था कि पारदर्शिता और बेहतर संचालन से न केवल धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी पहल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी।

बड़े मंदिरों की व्यवस्था का सम्मान बनाए रखने की अपील

इस अवसर पर यह भी कहा गया कि वैष्णो देवी, चिंतपूर्णी, नैना देवी और बाबा बालक नाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं पर अनावश्यक हस्तक्षेप या दबाव उनकी कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। वक्ताओं ने कहा कि इन मंदिरों के ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक गतिविधियों और सेवा कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी स्वायत्त व्यवस्था का सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।

कमजोर मंदिरों के लिए सहयोगात्मक व्यवस्था बनाने का सुझाव

वक्ताओं ने आर्थिक रूप से कमजोर मंदिरों के विकास और संचालन के लिए सक्षम मंदिरों तथा सरकार के सहयोग से एक समन्वित व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे संसाधन-विहीन धार्मिक स्थलों को आवश्यक आर्थिक और प्रशासनिक सहायता मिल सकेगी। उन्होंने सदाशिव मंदिर, तलमेहड़ा की व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और सहयोग की भावना को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अंत में श्रद्धालुओं ने सभी धार्मिक स्थलों के संतुलित विकास, पारदर्शी प्रबंधन और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक नीति अपनाने की अपील की।