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दो साल से थमा प्लास्टिक वेस्ट का पहिया, सड़कों में इस्तेमाल की सरकारी योजना पर संकट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

जिला सिरमौर में प्लास्टिक वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और सड़क निर्माण में उपयोग की सरकारी योजना पिछले दो वर्षों से प्रभावित चल रही है। नगर निकायों और पंचायतों से प्लास्टिक वेस्ट की आपूर्ति बंद होने के कारण योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कचरा पृथक्करण नहीं होने से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को भी झटका लगा है।

नाहन

जिला सिरमौर में प्लास्टिक और पॉलिथीन से बढ़ते पर्यावरणीय खतरे के बीच स्थानीय शहरी निकायों और पंचायतों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उसके पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजना जिले में लगभग ठप पड़ती नजर आ रही है।जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट को सामान्य घरेलू कचरे से अलग एकत्रित कर उसे सड़क निर्माण में उपयोग करने की व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप प्लास्टिक कचरे को साफ कर छोटे-छोटे कणों में परिवर्तित किया जाता है, जिन्हें डामर के साथ मिलाकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है। इससे एक ओर प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण होता है तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलती है।

मगर हैरानी की बात यह है कि जिला सिरमौर में पिछले करीब दो वर्षों से किसी भी नगर परिषद, नगर पंचायत अथवा ग्राम पंचायत की ओर से लोक निर्माण विभाग को प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध नहीं कराया गया है। जबकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्लास्टिक और पॉलिथीन का उपयोग लगातार बढ़ा है।
सूत्रों के अनुसार इस स्थिति की सबसे बड़ी वजह कचरे का पृथक्करण न होना है। अधिकांश क्षेत्रों में प्लास्टिक को अन्य घरेलू कचरे से अलग नहीं किया जा रहा, जिसके चलते उपयोग योग्य प्लास्टिक वेस्ट सड़क निर्माण परियोजनाओं तक पहुंच ही नहीं पा रहा। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रभावित होने के साथ-साथ पर्यावरणीय चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।

प्रदेश सरकार ने योजना के प्रारंभिक चरण में सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध कराया था और कई स्थानों पर इसका उपयोग भी किया गया। लेकिन पिछले दो वर्षों से कच्चे माल की आपूर्ति लगभग बंद होने से योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है।लोक निर्माण विभाग मंडल नाहन के अधिशासी अभियंता आलोक जबनेजा ने पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से किसी भी शहरी निकाय या पंचायत से विभाग को प्लास्टिक वेस्ट मटेरियल प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर परिषदों, नगर पंचायतों और पंचायतों को समय-समय पर अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक अपेक्षित मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध नहीं हो पाया है।

ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रदेश सरकार प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और सड़क निर्माण में उसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, तो स्थानीय स्तर पर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा। जिला सिरमौर में दो वर्षों से प्लास्टिक वेस्ट की आपूर्ति बंद रहने से न केवल सरकारी योजना प्रभावित हुई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।