सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए पीएम कैशलेस उपचार योजना लागू, हिमाचल में 333 लोगों को मिला लाभ
हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। एक मार्च से 22 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 333 पात्र पीड़ित इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जिसमें अधिकतम सात दिन तक ₹1.5 लाख का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
शिमला
333 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिला योजना का लाभ
हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2026 से 22 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश के 333 पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना का लाभ दिया गया। इनमें सबसे अधिक 128 घायलों का उपचार एम्स बिलासपुर में, जबकि 125 मरीजों का कैशलेस इलाज लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक में किया गया।
सात दिन तक ₹1.5 लाख का कैशलेस उपचार
इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर के दौरान समय पर उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
संयुक्त समन्वय से हो रहा योजना का संचालन
प्रदेश में इस योजना का संचालन हिमाचल प्रदेश पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, परिवहन विभाग तथा सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है। योजना के संचालन में ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (e-DAR) और ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS 2.0) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने 98 प्रतिशत पुलिस रिस्पॉन्स रेट दर्ज किया।
योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें
सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को तुरंत निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाना चाहिए। दुर्घटना की सूचना 112, निकटतम पुलिस थाना या संबंधित अस्पताल को दी जा सकती है। अस्पताल TMS 2.0 पोर्टल पर पंजीकरण करेगा तथा पुलिस ई-डार प्रक्रिया पूरी करेगी। पात्रता की पुष्टि होने पर घायल व्यक्ति को बिना किसी अग्रिम भुगतान के अधिकतम ₹1.5 लाख तक सात दिनों का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
समय पर योजना से जोड़ने की अपील
सरकार ने अस्पतालों, संबंधित विभागों और आम नागरिकों से अपील की है कि प्रत्येक पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को समय पर इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि आवश्यकता के समय बिना आर्थिक बाधा के उपचार उपलब्ध कराया जा सके।