POCSO / धर्मशाला में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को चार वर्ष का कारावास, अदालत ने जुर्माना भी लगाया
POCSO : धर्मशाला स्थित विशेष पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत कारावास के साथ आर्थिक दंड भी लगाया है तथा जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।
धर्मशाला
अदालत ने सुनाया फैसला
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश विजय लक्ष्मी ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए आरोपी मनीष कुमार को पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धारा के तहत चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष के कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने का भी आदेश दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
मामले के अनुसार 25 अगस्त 2024 को पीड़िता के पिता ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि उनकी नाबालिग बेटी देहरा स्थित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्य के लिए गई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता से परिचय बढ़ाया और उसे अपने साथ जयपुर ले गया।
जांच और न्यायालय की कार्यवाही
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने 28 गवाह पेश किए, जबकि नायब कोर्ट यशपाल ने गवाहों की पैरवी की। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
