Dhar Bhojshala/ धार भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट का फैसला ,विवादित स्थल को मंदिर माना , मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट जाने की कही बात
Dhar Bhojshala : धार भोजशाला मामले में इंदौर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल को मंदिर माना है। अदालत ने हिंदुओं को पूजा का अधिकार देने की बात कही है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने फैसले का अध्ययन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
मध्य प्रदेश/धार
इंदौर हाई कोर्ट ने धार भोजशाला मामले में सुनवाई के बाद कहा कि यह स्थल परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का केंद्र था और देवी सरस्वती का मंदिर था। अदालत ने कहा कि भोजशाला परिसर संरक्षित स्मारक है और हिंदुओं को वहां पूजा का अधिकार प्राप्त है। कोर्ट ने यह भी कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) परिसर के संरक्षण का कार्य जारी रखे।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार और एएसआई परिसर में संस्कृत शिक्षा की व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार करें। वहीं वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने और मंदिर में स्थापित करने के विषय में केंद्र सरकार को विचार करने की बात कही गई है। हाई कोर्ट ने 2003 के उस एएसआई आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी गई थी।
मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट जाने के संकेत दिए
फैसले के बाद शहर काजी वकार सादिक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुस्लिम पक्ष अदालत के फैसले को पढ़ेगा और उसे समझने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष मस्जिद के लिए स्थान चाहता है तो वह सरकार को आवेदन दे सकता है। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया कि मस्जिद ऐसी जगह बनाई जाए, जहां दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार का विवाद न हो। :contentReference[oaicite:0]{index=0}
