Politics / केवाईसी के कारण रुकी बुजुर्गों की पेंशन जल्द बहाल करे सरकार, लंबित मामलों का निपटारा हो : जयराम ठाकुर
Politics : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वृद्धावस्था पेंशन और सहारा योजना के लाभार्थियों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर पात्र लाभार्थियों को पेंशन उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
शिमला
पेंशन मामलों के शीघ्र समाधान की मांग
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि वृद्धावस्था पेंशन और सहारा योजना के कई पात्र लाभार्थियों को केवाईसी प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों और प्रशासनिक स्तर की देरी के कारण समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लाभार्थियों को संबंधित कार्यालयों से यह कहकर लौटाया जा रहा है कि फंड नहीं आया है या केस आगे भेज दिया गया है, जबकि पात्र लोगों को समय पर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जयराम ठाकुर ने सरकार से आग्रह किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और जिन लाभार्थियों की पेंशन रोकी गई है, उनके मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जाए।
बजट कटौती का किया उल्लेख
जयराम ठाकुर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं समाज कल्याण विभाग के बजट में 1,618 करोड़ रुपये से घटाकर 604 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उनके अनुसार, यह 63 प्रतिशत की कटौती है और इसका सीधा असर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि बजट में कमी के कारण वृद्धावस्था पेंशन, सहारा योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन योजनाओं का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को नियमित सहायता देना है, उनमें देरी से लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सहारा योजना के मामलों की जांच की मांग
उन्होंने कहा कि सहारा योजना के कुछ वास्तविक लाभार्थियों के रिकॉर्ड में त्रुटियां सामने आई हैं और कई मामलों में उन्हें मृत दर्शाकर पेंशन बंद कर दी गई है। जयराम ठाकुर ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों की जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन लाभार्थियों की पेंशन गलत तरीके से रोकी गई है, उनकी पेंशन तत्काल बहाल की जाए और बकाया राशि भी जारी की जाए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
केवाईसी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का सुझाव
जयराम ठाकुर ने कहा कि केवाईसी से संबंधित लंबित मामलों के समाधान के लिए समयबद्ध अभियान चलाया जाना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में तकनीकी खामियों के कारण लाभार्थियों की फाइलें अटकी हुई हैं, इसलिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट समयसीमा तय की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्रशासनिक प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख, समृद्धि तथा मंगल की कामना की।