Politics / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के गढ़ में भाजपा का बड़ा राजनीतिक वार, संगड़ाह पंचायत समिति पर जमाया कब्जा
Politics : श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की संगड़ाह पंचायत समिति में भाजपा ने बहुमत के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। इस परिणाम के साथ सिरमौर जिले की छह में से पांच पंचायत समितियों पर भाजपा का कब्जा हो गया है, जबकि कांग्रेस केवल एक पंचायत समिति तक सीमित रह गई है।
नाहन
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के गृह विधानसभा क्षेत्र श्रीरेणुकाजी से कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका सामने आया है। संगड़ाह पंचायत समिति पर भाजपा ने बहुमत के साथ कब्जा जमाते हुए कांग्रेस के गढ़ में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस जीत के बाद सिरमौर जिले की छह पंचायत समितियों में से पांच पर भाजपा का कब्जा हो गया है, जबकि कांग्रेस अब तक केवल एक पंचायत समिति में ही अपना अध्यक्ष बनवा सकी है।
सोमवार को हुए चुनाव में 15 सदस्यीय संगड़ाह पंचायत समिति में भाजपा समर्थित अनिला कुमारी अध्यक्ष और दिनेश चौहान उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। अध्यक्ष पद पर अनिला कुमारी को 8 मत मिले, जबकि उपाध्यक्ष पद पर दिनेश चौहान को 9 मत प्राप्त हुए। दोनों पदों पर भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत दर्ज की।
अब तक जिले की आठ पंचायत समितियों में से छह के चुनाव हो चुके हैं। इनमें नाहन, पांवटा साहिब, पच्छाद, राजगढ़ और संगड़ाह पंचायत समिति पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस केवल ददाहू पंचायत समिति में ही अपना कब्जा कायम कर पाई है। शिलाई और तिलोरधार पंचायत समितियों के चुनाव अभी बाकी हैं।सिरमौर भाजपा के सह जिला मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने इस परिणाम को कांग्रेस नेतृत्व की बड़ी राजनीतिक विफलता बताया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार अपने ही गृह निर्वाचन क्षेत्र की पंचायत समिति नहीं बचा सके। जब पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष अपने राजनीतिक गढ़ में जनप्रतिनिधियों का विश्वास बनाए रखने में सफल नहीं हो रहा, तो प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के लगातार आ रहे चुनाव परिणाम यह संकेत दे रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों का भरोसा भाजपा की ओर बढ़ रहा है और कांग्रेस अपने परंपरागत क्षेत्रों में भी राजनीतिक बढ़त खोती नजर आ रही है।प्रताप रावत ने प्रदेश सरकार पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर टालने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब नगर परिषद में चुनाव कराने में देरी के खिलाफ भाजपा को उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा, जहां सरकार और जिला प्रशासन से जवाब मांगा गया है।संगड़ाह पंचायत समिति के परिणाम को भाजपा सिरमौर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देख रही है, क्योंकि यह जीत सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के गृह विधानसभा क्षेत्र से दर्ज हुई है।