Politics / कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रबंधन को लेकर उठाए सवाल
Politics : प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने केंद्र सरकार के कार्यकाल, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रबंधन, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों तथा केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन विषयों पर जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है।
शिमला
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता ने रखी पार्टी की राय
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने शनिवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में केंद्र सरकार की नीतियों, परीक्षा प्रबंधन और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास बना रहे।जिंटा ने कहा कि यूजीसी, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस लगातार अपनी चिंता व्यक्त करती रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रभावी और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को लेकर भी अपनी पार्टी का दृष्टिकोण साझा किया।
केंद्र-राज्य संबंधों और वित्तीय सहायता का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि कुछ केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता में कमी आई है। उन्होंने आपदा राहत सहायता, आरडीजी तथा अन्य वित्तीय मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर राज्य सरकार लगातार अपना पक्ष केंद्र के समक्ष रख रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित से जुड़े मामलों में पर्याप्त सहयोग मिलना आवश्यक है।जिंटा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के कुछ हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखती रहेगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और सार्वजनिक हित के मुद्दों पर सहयोगात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।
कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी रखी बात
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने का निर्णय लिया है और इसे कर्मचारी हितों से जुड़ा कदम बताया। जिंटा ने कहा कि कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों और पेंशन अंशदान जैसे विषयों पर भी चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से संगठित रूप से अपने हितों से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने का आह्वान किया।कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी आगामी दिनों में विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगी तथा लोगों को संबंधित विषयों की जानकारी देगी।