Crime / पंजाब में डबल ब्लास्ट के बाद बढ़ी सतर्कता, NIA ने संभाली जांच की कमान
Crime :: पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए दो धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। शुरुआती जांच में खालिस्तानी नेटवर्क और ISI कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।
जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों से बढ़ी चिंता
पंजाब में एक के बाद एक हुए दो धमाकों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जालंधर और अमृतसर में बीएसएफ और आर्मी से जुड़े इलाकों के पास हुए धमाकों ने बड़े आतंकी मॉड्यूल की आशंका को जन्म दिया है। शुरुआती जांच में खालिस्तानी कनेक्शन और ISI की साजिश के संकेत मिले हैं। अब इस पूरे मामले की जांच NIA को सौंप दी गई है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में कई धमाकों और हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मार्च 2026 में अमृतसर ग्रामीण के भिंडी सैदां पुलिस स्टेशन परिसर में धमाका हुआ था। अप्रैल 2026 में पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर IED लगाने की कोशिश के दौरान धमाका हुआ था। इससे पहले दिसंबर 2024 में कई पुलिस स्टेशनों और पुलिस पोस्टों पर ग्रेनेड हमले किए गए थे।
जालंधर ब्लास्ट में IED की आशंका
जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर रात करीब 8 बजे धमाका हुआ। धमाके के बाद वहां खड़ी एक स्कूटी में आग लग गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि स्कूटी केवल उसकी चपेट में आई थी। सूत्रों के अनुसार, IED पहले से अलग स्थान पर रखा गया था। CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां भी देखी गई हैं, जिनकी पहचान करने का प्रयास जारी है।
अमृतसर में आर्मी कैंप के पास ग्रेनेड हमला
जालंधर धमाके के कुछ घंटों बाद अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप के बाहर भी धमाका हुआ। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार हमलावरों ने कैंप की दीवार की तरफ ग्रेनेड फेंका था। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई और इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस, फॉरेंसिक टीम और बम डिस्पोजल स्क्वॉड मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
NIA ने तेज की जांच
दोनों घटनाओं के पैटर्न में समानता को देखते हुए जांच एजेंसियां इसे एक ही मॉड्यूल से जुड़ा मामला मान रही हैं। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और ISI कनेक्शन की भी जांच हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच NIA को सौंप दी गई है। एजेंसी तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।