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राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी बिल पेश, जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर मिलेगी सख्त सजा

हिमाचलनाउ डेस्क • 3 Feb 2025 • 1 Min Read

राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी बिल पेश कर दिया गया है। इस बिल में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं। देश में धर्म परिवर्तन को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है, और अब राजस्थान सरकार इस मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाने के मूड में है।


धर्मांतरण विरोधी बिल: बजट सत्र में होगी बहस

📌 बिल पेश करने वाले मंत्री: स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर
📌 बिल की स्थिति: बजट सत्र में बहस के बाद पारित किया जाएगा
📌 पारित होने की तिथि: बाद में घोषित की जाएगी

धर्मांतरण और लव जिहाद को रोकने के लिए यह बिल लाया गया है, जिसमें सख्त दंड और नियमों का प्रावधान किया गया है।


लव जिहाद को लेकर सख्त प्रावधान

इस बिल में लव जिहाद को एक स्पष्ट परिभाषा दी गई है।

📌 बिल के अनुसार:

  • यदि कोई धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से शादी करता है, तो इसे लव जिहाद माना जाएगा।
  • अगर यह साबित हो जाता है कि शादी का उद्देश्य धर्म परिवर्तन था, तो ऐसी शादी को रद्द करने का प्रावधान होगा।
  • फैमिली कोर्ट ऐसे विवाह को अमान्य घोषित कर सकता है।

धर्म परिवर्तन से पहले 60 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य

बिल के अनुसार, इच्छा से धर्म परिवर्तन करने पर भी कुछ नियमों का पालन करना होगा

📌 नियम:

  • 60 दिन पहले संबंधित व्यक्ति को कलेक्टर को सूचना देनी होगी
  • इस दौरान जांच की जाएगी कि धोखे, दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन तो नहीं कराया जा रहा।
  • यदि कोई व्यक्ति या संस्था बलपूर्वक धर्म परिवर्तन करवाती है, तो उन्हें कठोर दंड दिया जाएगा।

अवैध धर्मांतरण में मदद करने वालों को भी सजा

📌 बिल के तहत:

  • जो लोग अवैध रूप से धर्म परिवर्तन में मदद करेंगे, उन्हें भी सजा के लिहाज से अपराधी माना जाएगा।
  • इस बिल को राज्य विधानसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी होगी, तभी यह कानून बनेगा।

निष्कर्ष

धर्मांतरण और लव जिहाद को रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने सख्त कानून लाने की पहल की है। यदि यह बिल पारित होता है, तो शादी के जरिए जबरन धर्म परिवर्तन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई संभव होगी। राजस्थान विधानसभा में इस बिल को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है, क्योंकि धर्मांतरण एक संवेदनशील मुद्दा है और इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो सकती है।