राजगढ़ के दुकानदार कैलाश वल्ल्याट ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, करीब दो लाख रुपये का मंगलसूत्र लौटाया
राजगढ़ शहर के पुराने व्यापारी कैलाश वल्ल्याट ने अपनी दुकान पर छूटे करीब दो लाख रुपये कीमत के मंगलसूत्र को सुरक्षित उसके मालिक को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है। खरीदारी के दौरान एक ग्राहक अपना मंगलसूत्र दुकान पर भूल गया था। मंगलसूत्र मिलने के बाद कैलाश वल्ल्याट ने उसे सुरक्षित अपने पास रखा और ग्राहक के वापस पहुंचने पर बिना किसी लालच के उसे सौंप दिया। उनके इस कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
सिरमौर/राजगढ़
जानकारी के अनुसार एक ग्राहक खरीदारी के लिए कैलाश वल्ल्याट की दुकान पर आया था। खरीदारी के दौरान करीब दो लाख रुपये कीमत का मंगलसूत्र दुकान पर ही छूट गया। कुछ समय बाद कैलाश वल्ल्याट की नजर मंगलसूत्र पर पड़ी तो उन्होंने उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया। बाद में ग्राहक को मंगलसूत्र छूटने का पता चला और वह उसे तलाशते हुए दुकान पर वापस पहुंचा। कैलाश वल्ल्याट ने मंगलसूत्र सुरक्षित रूप से ग्राहक को वापस सौंप दिया। कीमती आभूषण मिलने के बाद उसे संभालकर रखने और वास्तविक मालिक को लौटाने के उनके कदम की शहर में चर्चा हो रही है।
स्थानीय लोगों ने की ईमानदारी की सराहना
करीब दो लाख रुपये कीमत का मंगलसूत्र लौटाने के बाद स्थानीय लोगों ने कैलाश वल्ल्याट के कार्य की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि किसी की खोई हुई कीमती वस्तु को सुरक्षित उसके मालिक तक पहुंचाना ईमानदारी और नैतिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उनके इस कदम को प्रेरणादायक बताया जा रहा है। लोगों ने कहा कि इस तरह के उदाहरण समाज में ईमानदारी और आपसी विश्वास की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं।
सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं कैलाश वल्ल्याट
कैलाश वल्ल्याट राजगढ़ शहर के पुराने व्यापारियों में गिने जाते हैं और स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। राजगढ़ के प्रसिद्ध बैसाखी मेले के दौरान वे पिछले कई वर्षों से गांवों से आने वाले लोगों के लिए भंडारे का आयोजन करते आ रहे हैं। मेले में पहुंचने वाले ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था उनके सामाजिक कार्यों का हिस्सा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार समाज के प्रति उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है और मंगलसूत्र लौटाने की इस घटना के बाद उनके इस कार्य की भी सराहना की जा रही है।