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45 हजार प्रतिभागियों को पछाड़ राजगढ़ के सुजल बने ‘स्टार ऑफ हिमाचल’

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 10 Hours Ago • 1 Min Read

राजगढ़ के छात्र सुजल ने ‘स्टार ऑफ हिमाचल’ सिंगिंग रियलिटी शो का खिताब जीतकर प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 45 हजार से अधिक प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए एक लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राजगढ़

सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल के रेहड़ी गुसान गांव के होनहार छात्र सुजल ने अपनी गायिकी का लोहा मनवाते हुए प्रदेश के सबसे बड़े सिंगिंग रियलिटी शो ‘स्टार ऑफ हिमाचल’ का खिताब अपने नाम कर लिया। विज़न इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले में सुजल ने 45 हजार से अधिक प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। विजेता बनने पर उन्हें एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
मंडी स्थित खत्री सभा परिसर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 33 प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद निर्णायकों ने सुजल को विजेता घोषित किया। प्रतियोगिता में कुल्लू के देवराज दूसरे और शिमला के विशाल तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें क्रमशः 50 हजार और 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।

इस वर्ष प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 45 हजार से अधिक स्कूली विद्यार्थियों ने ऑडिशन दिए थे। लगभग तीन वर्षों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद केवल 33 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले तक पहुंच सके। ऐसे कठिन मुकाबले में सुजल का विजेता बनना उनकी प्रतिभा, मेहनत और संगीत के प्रति समर्पण का प्रमाण माना जा रहा है।सुजल वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भनोग में 11वीं कक्षा के छात्र हैं। ग्रैंड फिनाले में उनकी मधुर आवाज, सुरों पर मजबूत पकड़ और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने निर्णायकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अपनी सफलता पर सुजल ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और संगीत गुरु आर.डी. शर्मा को दिया। उन्होंने बताया कि वर्षों से नियमित अभ्यास और गुरु के मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।सुजल की इस उपलब्धि से पूरे राजगढ़ क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिरमौर जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।