देबकू रा दुःखड़ा नाटक से दी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान लोकगीतों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आर्थिक सहायता और छात्रवृत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाई गईं।
नाहन
अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के तहत गुरुवार को विकास खंड तिलोरधार की ग्राम पंचायत सतौन तथा ग्राम पंचायत पोका के गांव कोड़गा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रम में लोक संस्कृति कला मंच के कलाकारों ने लोकगीतों और नुक्कड़ नाटक देबकू रा दुःखड़ा के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। कलाकारों ने मनोरंजक प्रस्तुति के साथ योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों को सरल भाषा में समझाया।
नाटक के माध्यम से बताया गया कि प्रदेश सरकार विधवा पुनर्विवाह, अंतर्जातीय विवाह तथा दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के ऐसे दिव्यांग और विधवा, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है, उन्हें पीजीडीसीए, डीसीए, कंप्यूटर अकाउंटेंसी सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पोका की प्रधान ममता देवी, ग्राम पंचायत सतौन के उपप्रधान दया राम, वार्ड सदस्य सतीश कुमार, किरण बाला, माम चंद, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।