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विदेशी पक्षियों की दस्तक / हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय करके रेणुका जी वेटलैंड पहुंचे सबेरियन मेहमान

हिमाचलनाउ डेस्क • 29 Dec 2024 • 1 Min Read

Himachalnow / श्री रेणुका जी

रेणुका जी, 29 दिसंबर: कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध रेणुका जी वेटलैंड में इस सीजन में विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो चुका है। इन पक्षियों का यहां आगमन हर साल मौसम बदलने के साथ होता है, जब वे हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय करके भारत आते हैं। रेणुका जी झील के किनारे पर अब सैकड़ों प्रवासी पक्षी अपने नए घर की तलाश में बसे हुए हैं, और इनकी विभिन्न प्रजातियों को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से यहां आ रहे हैं।

विदेशी पक्षियों का लंबा सफर

साइबेरिया जैसे ठंडे इलाकों से ये पक्षी शीतकाल में अपनी यात्रा शुरू करते हैं, क्योंकि वहां का तापमान अत्यधिक कम हो जाता है। यह यात्रा उनके लिए जीवन बचाने के लिए जरूरी होती है। इन पक्षियों का प्रमुख उद्देश्य गर्म जगहों पर शरण लेना होता है, जहां वे ठंडे मौसम से सुरक्षित रह सकते हैं। रेणुका जी वेटलैंड एक ऐसा स्थान है, जो इन प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श स्थल बन चुका है।

वन्य प्राणी विभाग की निगरानी

इस बारे में जानकारी देते हुए, वन्य प्राणी विभाग की अधिकारी आरो दिव्या शर्मा ने बताया कि नवंबर माह के आसपास, जब साइबेरिया और आसपास के इलाकों में ठंड बढ़ जाती है, तब ये पक्षी रेणुका जी पहुंचने शुरू हो जाते हैं। शर्मा ने बताया कि इस सीजन में 300 से 400 पक्षी यहां पहुंचते हैं और विभाग उनकी गणना करता है और उनकी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहता है ताकि उन्हें कोई नुकसान न हो।

उनके मुताबिक, वन्य प्राणी विभाग हर साल वेटलैंड आने वाले पक्षियों की प्रजातियों का रिकॉर्ड भी रखता है और प्रत्येक प्रजाति के आगमन का अध्ययन करता है। शर्मा ने यह भी बताया कि कुछ पक्षियों की प्रजातियां यहां हर साल नहीं पहुंच पातीं, और इसके कारणों की जांच भी विभाग कर रहा है।

प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा

रेणुका जी वेटलैंड में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी आ रहे हैं जिनमें मलाड, यूरेशियन कूट जैसे पक्षी शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये पक्षी यहां आराम से रह सकें, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी यह सुनिश्चित करने की हिदायत दी जाती है कि इन पक्षियों को कोई नुकसान न पहुंचे।

प्रवासी पक्षियों का आगमन

विभाग द्वारा प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां विशेष रूप से बर्ड वाचर्स नियुक्त किए गए हैं, जो इन पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इसके साथ ही, इन पक्षियों की प्रजातियों का आंकलन और सेंसस भी किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पक्षी सुरक्षित और सही ढंग से यहां आए हैं।

इस सीजन में नवंबर, दिसंबर और जनवरी के महीने प्रवासी पक्षियों के आगमन का प्रमुख समय होता है, और विभाग ने इन महीनों में विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए हैं।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

विदेशी पक्षियों का आगमन न केवल वन्य जीवों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक विशेष आकर्षण बन चुका है। दूर-दूर से लोग इन पक्षियों को देखने के लिए रेणुका जी वेटलैंड की ओर रुख करते हैं। इस सीजन में यहां की दृश्यावलियां बेहद मनमोहक होती हैं, और यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन गया है।

रेणुका जी वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों के आगमन के साथ ही क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, और विभाग अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।