सेना की वर्किंग परमिशन लंबित, बनोग-धारक्यारी बाईपास निर्माण कार्य अस्थायी रूप से प्रभावित
करीब 12.30 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बनोग-धारक्यारी वैकल्पिक बाईपास का निर्माण कार्य फिलहाल सेना द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के कारण प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार सेना ने पूरे सड़क निर्माण पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि अपने प्रतिबंधित क्षेत्र के समीप आवश्यक वर्किंग परमिशन के बिना निर्माण कार्य नहीं करने देने के लिए संबंधित हिस्से में अस्थायी रोक लगाई है। छोटे वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी है।
वर्किंग परमिशन नहीं लेने पर लगाया गया प्रतिबंध
सूत्रों के अनुसार निर्माण एजेंसी ने सेना के नियंत्रण क्षेत्र के निकट कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक कार्य अनुमति प्राप्त नहीं की थी। सुरक्षा मानकों के तहत सेना ने संबंधित हिस्से में बैरिकेट्स लगाकर भारी वाहनों की आवाजाही और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। हालांकि सड़क को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है और आम लोगों के छोटे वाहन पहले की तरह इस मार्ग से गुजर रहे हैं।
बैठक के बाद दोबारा शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
बताया जा रहा है कि इस विषय को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रशासन के माध्यम से सेना के कंपनी कमांडर के साथ बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। अधिकारियों का मानना है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने और अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य सामान्य रूप से दोबारा शुरू किया जा सकता है। इस बाईपास के लिए सेना पहले ही अनापत्ति प्रदान कर चुकी है, लेकिन लगभग 300 मीटर हिस्सा सेना की भूमि से गुजरने के कारण सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है।
पीडब्ल्यूडी ने कहा, जल्द निकलेगा समाधान
इस बीच क्षेत्र में भूमि खरीद-फरोख्त और बिना अनुमति भारी निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को लेकर भी चर्चा रही। सुरक्षा कारणों से सेना ने फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही सीमित की है। लोक निर्माण विभाग नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता आलोक जबनेजा ने बताया कि विभाग को सेना की ओर से कोई औपचारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार लगाए गए बैरिकेट्स स्थायी नहीं हैं और सेना के अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।