हिमाचल में एरियल रोपवे नियम 2026 में संशोधन, किराया तय करेंगे प्रमोटर, सुरक्षा मानक अनिवार्य
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एरियल रोपवे नियम 2026 में संशोधन करते हुए संचालन, किराया निर्धारण और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया है। नए नियमों के तहत रोपवे का किराया अब प्रमोटर तय करेंगे, जबकि संबंधित प्राधिकरण को इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
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किराया निर्धारण और प्रशासनिक प्रावधान
संशोधित नियमों के अनुसार एरियल रोपवे संचालक यात्रियों, पशुओं और सामान के परिवहन के लिए किराया निर्धारित कर सकेंगे। हालांकि, प्रमोटर द्वारा तय किए गए शुल्क की जानकारी एरियल रोपवे इंस्पेक्टर और एक्सपर्ट कमेटी को देना अनिवार्य किया गया है। नियम 7 में संशोधन करते हुए सरकार की जगह प्रमोटर को किराया निर्धारण का अधिकार दिया गया है, जिससे संचालन प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
बीमा और संचालन संबंधी शर्तें
नए जोड़े गए नियम 8-ए के तहत सभी रोपवे के लिए व्यापक बीमा कवर अनिवार्य किया गया है। बीमा की दरें राज्य सरकार द्वारा एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश पर निर्धारित की जाएंगी, जबकि बीमा दावा निपटान की जिम्मेदारी प्रमोटर पर होगी। इसके अतिरिक्त, नियम 9 के अनुसार तकनीकी कारणों से बंद किए गए रोपवे को पुनः शुरू करने से पहले निरीक्षण और एक्सपर्ट कमेटी की अनुमति आवश्यक होगी।
सुरक्षा मानक और दंड प्रावधान
नियम 15 के तहत रोपवे के डिजाइन और निर्माण में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध रहेगा और वायर रोप का न्यूनतम व्यास 25 मिमी निर्धारित किया गया है। रोपवे को सड़कों, नदियों और इमारतों के ऊपर से गुजरते समय न्यूनतम 5 मीटर की ऊंचाई बनाए रखना आवश्यक होगा। नियमों के उल्लंघन पर 5,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि लगातार उल्लंघन की स्थिति में प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माने और लाइसेंस निलंबन या रद्द करने का प्रावधान रखा गया है।