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Video / RTI एक्टिविस्ट ने CJP संस्थापक और परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग उठाई, कई संस्थाओं को भेजी शिकायत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 13 Hours Ago • 1 Min Read

सूरत के आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) और महाराष्ट्र सरकार को शिकायत भेजते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच की मांग उठाई है। मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं और इनकी पुष्टि किसी सक्षम एजेंसी द्वारा नहीं की गई है।

नई दिल्ली

अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनका दावा है कि सीमित वेतन होने के बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति और विदेश में शिक्षा पर हुए खर्च की जांच की जानी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है।

चुनाव आयोग और सीबीआईसी से भी की शिकायत

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने CJP के कानूनी दर्जे को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। साथ ही राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए एक करोड़ रुपये के फंड का उल्लेख करते हुए सीबीआईसी से भी शिकायत की है। उनका कहना है कि संबंधित मामलों की जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन की गतिविधियों पर भी उठाए सवाल

अमित तिवारी ने आरोप लगाया है कि CJP बिना पंजीकरण के राजनीतिक दल की तरह कार्य कर रहा है और चंदा भी प्राप्त कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई संगठन राजनीतिक दल की तरह कार्य करता है, तो उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार पंजीकृत होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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