Loading...

गांवों में 25 से 30 हजार मासिक आय का लक्ष्य, दूध से प्राकृतिक खेती तक सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए गांवों में रहने वाले लोगों की मासिक आय 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सराहां में वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह के दौरान कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाने से लेकर प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाने तक कई कदम उठाए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए CBSE स्कूल खोलने की बात भी कही।

सिरमौर/सराहां

ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मासिक आय 25,000 से 30,000 रुपये तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इनमें दूध के खरीद मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के साथ प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित वस्तुओं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था शामिल है।

अदरक को भी समर्थन मूल्य व्यवस्था में किया शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाने के साथ अदरक को भी समर्थन मूल्य व्यवस्था के दायरे में लाया गया है। सरकार इन कदमों के माध्यम से गांवों में रहने वाले लोगों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खोले जा रहे CBSE स्कूल

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए CBSE स्कूल खोल रही है। उन्होंने कहा कि निजी CBSE स्कूल में शिक्षा पर लगभग एक लाख रुपये तक खर्च हो सकता है, जबकि सरकारी स्कूलों में इसी तरह की सुविधाएं काफी कम खर्च पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सामान्य परिवार से आते हैं और इसलिए आम लोगों को पेश आने वाली कठिनाइयों को समझते हैं। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

Related Topics: • •