रायपुर सहोड़ा के सागर सहोड़ का न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए चयन, ऊना का नाम किया रोशन
जिला ऊना के रायपुर सहोड़ा गांव के होनहार युवा सागर सहोड़ ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और मेहनत के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सागर सहोड़ का न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित ऑकलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में पीएचडी के लिए चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि रायपुर सहोड़ा गांव, जिला ऊना और समूचे हिमाचल प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
सागर सहोड़, रमेश सहोड़ के सुपुत्र तथा अवतार कृष्ण सहोड़ के पौत्र हैं। उनके पिता रमेश सहोड़ चंडीगढ़ में प्रदेश भाजपा के सेल एवं डिपार्टमेंट्स के सह-कोऑर्डिनेटर और भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रभारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। सागर सहोड़ पूर्व जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड़ के भतीजे हैं।
AI के माध्यम से अवसाद की पहचान पर करेंगे शोध
सागर सहोड़ अपने पीएचडी शोध के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से अवसाद की पहचान करने के विषय पर कार्य करेंगे। वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सागर का शोध इस दिशा में नए अवसर तलाशने और भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
पंकज सहोड़ ने दी बधाई, बताया गौरव का क्षण
सागर सहोड़ की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड़ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए चयन होना सागर की मेहनत, लगन, प्रतिभा और शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण है। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सागर अपने शोध और ज्ञान के माध्यम से समाज एवं मानवता के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
सागर सहोड़ की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण के बल पर युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। रायपुर सहोड़ा के इस होनहार युवा के पीएचडी के लिए चयन से क्षेत्रवासियों में उत्साह है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।