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प्रदेश के विद्यालयों में 20 अप्रैल से अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट शिविर, आधार सुधार प्रक्रिया होगी पूरी

PRIYANKA THAKUR • 13 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

प्रदेश के विद्यालयों में 20 अप्रैल 2026 से अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट (MBU) शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 5 और 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके छात्रों के आधार कार्ड का बायोमीट्रिक अपडेट किया जाएगा। यह प्रक्रिया डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्कूल शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा के संयुक्त तत्वावधान में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

शिमला

विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से होंगे विशेष शिविर
डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि ये शिविर प्रदेश के सरकारी और निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। जिला-वार योजना के तहत इन शिविरों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे सभी क्षेत्रों के बच्चों को इस सुविधा का लाभ मिल सके। इन शिविरों में बच्चों के आधार बायोमीट्रिक डेटा को अपडेट करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारू रूप से पूरा किया जाएगा।

यूआईडीएआई दिशा-निर्देशों के अनुसार अनिवार्य अपडेट प्रक्रिया
यूआईडीएआई के दिशा-निर्देशों के तहत 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के लिए आधार बायोमीट्रिक अपडेट अनिवार्य किया गया है। इसके अंतर्गत फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और फोटोग्राफ को अपडेट किया जाएगा, ताकि आधार रिकॉर्ड अधिक सटीक और प्रमाणिक बना रहे। यह प्रक्रिया बच्चों की पहचान प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य में सरकारी सेवाओं के लाभ प्राप्त करने में सहायक होगी।

अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन से सहयोग की अपील
विभाग ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें, ताकि सभी पात्र बच्चों का बायोमीट्रिक अपडेट समय पर पूरा किया जा सके। अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे शिविर के दौरान बच्चे का आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो) और आवश्यकतानुसार स्वयं की उपस्थिति सुनिश्चित करें, जिससे प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

समयबद्ध प्रक्रिया पर विशेष जोर
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और इसका उद्देश्य सभी विद्यार्थियों के आधार रिकॉर्ड को अद्यतन करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावक निर्धारित समय सीमा के भीतर इस सुविधा का लाभ उठाएं, ताकि भविष्य में आधार-आधारित सेवाओं के उपयोग में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।