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शिमला हवाई सेवाओं में निरंतरता बनाए रखने को लेकर हाई कोर्ट ने केंद्र को दिए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला को हवाई सेवाओं से जोड़ने के मामले में भारत सरकार को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने संशोधित उड़ान योजना और चंडीगढ़-शिमला सेक्टर की व्यवहार्यता को लेकर अगली सुनवाई तक नया हलफनामा दायर करने को कहा है।

शिमला

हवाई सेवाओं को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला को हवाई सेवाओं से जोड़ने से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान भारत सरकार को निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने कहा कि भविष्य में शिमला की हवाई सेवाओं में किसी प्रकार की कमी या व्यवधान नहीं आना चाहिए और इसके लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं।

केंद्र सरकार से मांगा नया हलफनामा

खंडपीठ ने संशोधित उड़ान योजना की अधिसूचना और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर के माध्यम से चंडीगढ़-शिमला सेक्टर की व्यवहार्यता को लेकर अगली सुनवाई तक नया हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के समक्ष केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में शिमला हवाई अड्डे की संचालन संबंधी परिस्थितियों का उल्लेख किया गया।

भौगोलिक परिस्थितियों का किया उल्लेख

हलफनामे में कहा गया है कि शिमला हवाई अड्डा विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विजुअल फ्लाइट रूल्स हवाई अड्डे के रूप में संचालित होता है और यहां रनवे विस्तार की सीमित संभावनाएं हैं। इसमें बताया गया कि वर्तमान संचालन व्यवस्था के तहत केवल दो एटीआर-42 विमान और एक हिंदुस्तान-228 विमान सेवा में शामिल हैं।

दिल्ली-शिमला सेक्टर पर फिर शुरू हुई सेवा

अदालत को जानकारी दी गई कि दो एटीआर-42 विमानों में से एक विमान पिथौरागढ़ मार्ग पर संचालित किया जा रहा है, जबकि दूसरा विमान Alliance Air द्वारा 11 मई 2026 से दिल्ली-शिमला सेक्टर पर तैनात किया गया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता भी प्रदान की गई है। साथ ही हिंदुस्तान-228 विमान को पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात किए जाने की जानकारी भी अदालत के समक्ष रखी गई। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-शिमला-दिल्ली सेक्टर पर एटीआर-42 विमान सेवा दोबारा शुरू कर दी गई है।

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