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शिमला में नीट परीक्षा मामले पर सर्वदलीय कैंडल मार्च, मुख्यमंत्री ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर दिया जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शिमला में विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिकों की भागीदारी से सर्वदलीय कैंडल मार्च आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मार्च का नेतृत्व करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया और संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई।

शिमला

सर्वदलीय कैंडल मार्च का आयोजन

नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के संदर्भ में शिमला में विभिन्न राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की भागीदारी से सर्वदलीय कैंडल मार्च आयोजित किया गया। मार्च का नेतृत्व मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया। यह मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू होकर स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए तथा मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर दिया जोर

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैंडल मार्च विभिन्न राजनीतिक दलों के सहयोग से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होना आवश्यक है ताकि युवाओं को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर मिल सके। उन्होंने नीट परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए प्रभावित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देने की मांग भी रखी।

भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार का पक्ष रखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सभी सरकारों और संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पूर्व में पुलिस भर्ती और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए थे। उनके अनुसार वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग को भंग कर राज्य चयन आयोग का गठन किया तथा संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

राहुल गांधी के समर्थन का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) तथा इसमें शामिल सभी नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर और संजय रतन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, कांग्रेस और सीपीआईएम के पदाधिकारी सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।