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शिमला में महिला पदयात्रा के दौरान जयराम ठाकुर का बयान, आरक्षण मुद्दे पर भाजपा ने रखा पक्ष

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

शिमला में महिला पदयात्रा के माध्यम से आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में महिला भागीदारी और विधायी मुद्दों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए।

शिमला

महिला पदयात्रा में प्रदेशभर से भागीदारी
राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं, कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने की, जबकि इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान महिला भागीदारी, प्रतिनिधित्व और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर संगठित रूप से चर्चा की गई और विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

आरक्षण विधेयक को लेकर नेताओं के बयान
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने महिला आरक्षण से जुड़े विधायी मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है। वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी गई थी। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के रुख पर भी टिप्पणी करते हुए इस विषय पर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने रखे गए।

जयराम ठाकुर का वक्तव्य
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी पंचायत स्तर पर पहले से बढ़ी है और यह आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला प्रतिनिधित्व लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिला भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा करने का मंच है, जहां विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखते हुए महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और नीतिगत पहलुओं पर चर्चा की। भाजपा महिला मोर्चा से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी को विभिन्न स्तरों पर बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही कुछ वक्ताओं ने प्रदेश सरकार और विपक्षी दलों के रुख पर भी टिप्पणी करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें राजनीतिक दृष्टिकोण से विभिन्न बिंदुओं को सामने रखा गया।

प्रशासन और आयोजन से जुड़े मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान कुछ वक्ताओं द्वारा यह भी कहा गया कि आयोजन में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आ रही महिलाओं को मार्ग और परिवहन से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस संदर्भ में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बावजूद कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी दर्ज की गई और महिलाओं ने अपनी उपस्थिति के माध्यम से मुद्दों पर चर्चा में भाग लिया।

महिला भागीदारी और आगे की दिशा
कार्यक्रम के अंत में महिला सशक्तिकरण, प्रतिनिधित्व और नीति निर्माण में भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत, निकाय और विधायिका स्तर पर महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाने की बात कही गई, ताकि महिला भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर चर्चा जारी रह सके।

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