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शिमला में जल्द बनेगी हाइड्रोलिक पार्किंग, 1200 करोड़ की शहरी विकास योजना के तहत होगा कार्य: विक्रमादित्य सिंह

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

शिमला में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के लिए हाइड्रोलिक पार्किंग परियोजना पर कार्य किया जाएगा। यह योजना 1200 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजना के तहत लागू की जाएगी और शहर के कई स्थानों पर इसका निर्माण प्रस्तावित है।

शिमला

आईटीआई स्पोर्ट्स मीट कार्यक्रम

शिमला के चौड़ा मैदान स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में 14वीं जिला स्तरीय आईटीआई (महिला) स्पोर्ट्स मीट का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न आईटीआई की छात्राओं, शिक्षकों और अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। समापन समारोह के दौरान खेल गतिविधियों में भाग लेने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया और संस्थानों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

हाइड्रोलिक पार्किंग योजना की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी कि शिमला शहर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हाइड्रोलिक पार्किंग प्रणाली विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए शहर के लगभग 15 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य किया जाएगा। यह परियोजना 1200 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजना के अंतर्गत शामिल है, जिसका उद्देश्य शिमला में लगातार बढ़ रही पार्किंग और ट्रैफिक समस्याओं को नियंत्रित करना है।

शहरी विकास परियोजनाओं का विवरण

इस योजना के तहत केवल पार्किंग व्यवस्था ही नहीं बल्कि शहरी ढांचे से जुड़ी कई अन्य परियोजनाएं भी शामिल की गई हैं। इसमें शिमला के प्रमुख क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने के उपाय, हाइड्रोलिक पार्किंग सिस्टम का विकास और भूमिगत उपयोगिता पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही कांगड़ा एयरोसिटी जैसी नियोजित शहरी टाउनशिप परियोजनाओं को भी इस विकास योजना में शामिल किया गया है। इन सभी परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंजूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कौशल विकास और रोजगार पर विचार

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल और कौशल शिक्षा छात्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि आईटीआई संस्थानों में आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे छात्रों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इसके अलावा कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि कौशल में निपुणता से छात्र आत्मनिर्भर बन सकते हैं और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

अनुदान और सम्मान कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने स्पोर्ट्स मीट के आयोजन के लिए विधायक निधि से 41 हजार रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा शिमला आईटीआई को बेहतर प्रदर्शन के लिए 15 हजार रुपये और छात्रा ममता को 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।