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शिमला के पांच प्रमुख मंदिरों की वेबसाइट इसी महीने होंगी शुरू, श्रद्धालुओं को मिलेंगी ऑनलाइन सेवाएं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 14 Jul 2026 • 1 Min Read

शिमला जिले के पांच प्रमुख मंदिरों की आधिकारिक वेबसाइटें इसी महीने शुरू किए जाने की तैयारी है। इन वेबसाइटों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजा बुकिंग, ऑनलाइन दान, आरती की जानकारी और मंदिरों से जुड़ी अन्य डिजिटल सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिमला

पांच प्रमुख मंदिरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

शिमला जिला प्रशासन ने जिले के पांच प्रमुख मंदिरों—जाखू मंदिर, तारादेवी मंदिर, संकटमोचन मंदिर, हाटकोटी मंदिर और सराहन स्थित भीमा काली मंदिर—को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन का लक्ष्य इन सभी मंदिरों की आधिकारिक वेबसाइटों को इसी महीने शुरू करना है, ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक और प्रशासनिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकें। इस पहल का उद्देश्य मंदिरों से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।

समीक्षा बैठक में कार्य प्रगति का लिया गया जायजा

इस संबंध में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वेबसाइट निर्माण की प्रगति, उपलब्ध कराई जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं तथा तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और तकनीकी एजेंसी को निर्देश दिए कि वेबसाइट निर्माण का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए, ताकि सभी वेबसाइटों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार इसी महीने आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी अनेक ऑनलाइन सुविधाएं

उपायुक्त ने बताया कि वेबसाइट शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिरों का इतिहास, धार्मिक महत्व, पूजा एवं आरती का समय, प्रमुख धार्मिक आयोजनों का कैलेंडर, ऑनलाइन दान, विशेष पूजा एवं आरती बुकिंग जैसी सुविधाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त मंदिरों तक पहुंचने का मार्ग, संपर्क विवरण, आवश्यक दिशा-निर्देश तथा अन्य उपयोगी जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि वेबसाइट का इंटरफेस सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया जाए, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इसे आसानी से उपयोग कर सकें।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी जानकारी

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि वेबसाइटों पर उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएं। इससे प्रदेश के साथ-साथ देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिरों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी। वेबसाइटों को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर सहित विभिन्न डिजिटल उपकरणों पर उनका उपयोग सुगम रहे।

साइबर सुरक्षा और नियमित अपडेट पर रहेगा विशेष ध्यान

बैठक में वेबसाइटों की साइबर सुरक्षा और नियमित अपडेट की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी वेबसाइटें निर्धारित साइबर सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित की जाएं तथा उन पर उपलब्ध जानकारी समय-समय पर अद्यतन की जाती रहे। वेबसाइटों पर मंदिर ट्रस्टों की आय-व्यय का विवरण, संपर्क जानकारी, श्रद्धालुओं के लिए शिकायत एवं सुझाव पोर्टल तथा आगामी धार्मिक आयोजनों से संबंधित सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और सूचना तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

मंदिर ट्रस्टों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू

समीक्षा बैठक के दौरान जिले के पांचों मंदिर ट्रस्टों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी ट्रस्टों में रिक्त पदों के लिए विज्ञापन एक ही दिन जारी किए जाएं। इसके लिए संबंधित मंदिर अधिकारियों को इस सप्ताह सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं मंदिर ट्रस्टों के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।