शिमला राजीव भवन में बाबू जगजीवन राम जयंती पर कार्यक्रम, नेताओं ने उनके योगदान और कार्यों पर चर्चा की
Himachalnow / शिमला
शिमला में बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उनके सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उपस्थित नेताओं ने उनके योगदान को विभिन्न संदर्भों में रखा।
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कार्यक्रम का आयोजन और सहभागिता
राजीव भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय संयोजक एवं हिमाचल प्रभारी, राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध ने विशेष रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, अनुसूचित जाति विभाग और एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने आयोजन में भाग लेते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार अपने विचार रखे और बाबू जगजीवन राम के सार्वजनिक जीवन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए विचार
इस अवसर पर कर्मवीर बौद्ध ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने लगभग 30 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करते हुए देश के विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 1971 के युद्ध के दौरान रक्षा मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली और कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति से जुड़े प्रयासों में भी योगदान दिया। वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक विषयों पर काम करते हुए कई पहलें कीं, जिनका प्रभाव व्यापक स्तर पर देखा गया।
सामाजिक और संगठनात्मक योगदान
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबू जगजीवन राम ने वर्ष 1935 में अखिल भारतीय दलित वर्ग लीग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सामाजिक स्तर पर कई संगठित प्रयास किए। उन्होंने विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर काम करते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य नेताओं ने भी उनके सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यों से जुड़े पहलुओं को विस्तार से साझा किया और उनके कार्यकाल के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।
अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष, जिला स्तर के पदाधिकारी, अनुसूचित जाति विभाग के प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए और आयोजन को सामूहिक रूप से संपन्न किया।