शिमला के राम मंदिर हॉल में शादी समारोह को लेकर विवाद, ‘निकाह’ की चर्चा पर बढ़ा तनाव
Himachalnow / शिमला
शिमला के राम मंदिर हॉल में मुस्लिम परिवार की बेटी के शादी समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हॉल में केवल रिसेप्शन आयोजित होगा, निकाह मस्जिद में होगा, इसकी पुष्टि प्रबंधन और परिवार दोनों ने की है। परिवार और हॉल प्रशासन ने शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
शिमला
राजधानी शिमला के राम मंदिर हॉल में एक मुस्लिम परिवार की बेटी के शादी समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल और स्थानीय स्तर पर इसे ‘निकाह’ से जोड़कर चर्चा तेज होने के बाद मामला संवेदनशील बन गया है। हालांकि, हॉल प्रबंधन और संबंधित परिवार दोनों ने साफ किया है कि राम मंदिर हॉल में निकाह नहीं होगा, बल्कि वहां केवल रिसेप्शन का आयोजन रखा गया है।मामले को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने आपत्ति जताई है और चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर हॉल में निकाह आयोजित किया गया तो विरोध किया जाएगा। इस संबंध में समिति की ओर से राम मंदिर हॉल की व्यवस्था देखने वाली सूद सभा शिमला को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
विवाद के बीच सूद सभा शिमला के अध्यक्ष राजीव सूद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हॉल की बुकिंग किसी भी व्यक्ति या परिवार को जाति या धर्म के आधार पर नहीं रोकी जाती। उन्होंने कहा कि सूद सभा हॉल और राम मंदिर अलग इकाइयां हैं तथा हॉल में केवल निर्धारित नियमों के तहत ही कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।राजीव सूद ने साफ कहा कि संबंधित परिवार ने हॉल में निकाह की कोई व्यवस्था नहीं रखी है। उनके अनुसार निकाह की रस्म पहले मस्जिद में होगी, जबकि राम मंदिर हॉल में सिर्फ रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब किसी मुस्लिम परिवार का विवाह समारोह यहां आयोजित हो रहा हो। इससे पहले भी इस तरह के कार्यक्रम यहां हो चुके हैं।
सूद सभा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हॉल के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी समुदाय के कार्यक्रम में मांसाहार और मदिरा परोसने की अनुमति नहीं है। इस मामले में संबंधित परिवार ने भी लिखित रूप से आश्वस्त किया है कि कार्यक्रम पूरी तरह हॉल के नियमों के अनुरूप ही होगा।वहीं, अपनी बेटी के विवाह समारोह के लिए हॉल बुक करने वाले मोहम्मद नासिर और शबाना ने कहा कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से शिमला में रह रहा है और समाज के साथ उनके पुराने संबंध हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां केवल रिसेप्शन कर रहे हैं और इसमें विभिन्न समुदायों के लोग शामिल होंगे। परिवार का कहना है कि इस मुद्दे को बेवजह विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
लड़की की चाची गज़ाला अनवर ने भी इस पूरे मामले में शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार किसी तरह का टकराव नहीं चाहता और सभी नियमों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिसेप्शन में पूरी तरह शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा और आयोजन में भोजन व्यवस्था भी नियमों के अनुरूप ही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार का राम मंदिर हॉल से पुराना संबंध रहा है और वर्ष 2005 में उनकी शादी भी इसी हॉल में हुई थी।इस पूरे मामले ने राजधानी में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, लेकिन हॉल प्रबंधन और परिवार की ओर से दी गई सफाई के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे और कार्यक्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो।