श्री रेणुकाजी बांध (Shri Renuka Ji Dam Project) प्रभावितों की सूची तैयार, प्रभावितों में हाउसलैस भी शामिल
Himachalnow / नाहन
विस्थापितों के पुनर्स्थापन के लिए 419 बीघा के अलावा तलाशी जा रही जमीन
बहुउद्देशीय श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना के लिए जहां एचपीपीसीएल ने मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट की ओर से लगी आपत्तियों की दूर करने में सफलता हासिल की है, वहीं अब डैम से प्रभावित होने वाले विस्थापित परिवारों की सूची भी तैयार कर ली है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले फेज के सर्वे में श्री रेणुकाजी डैम से प्रभावितों में 1362 परिवार शामिल किए गए हैं। बड़ी बात ये है कि इस सूची में भूमिहीन और हाउसलैस 95 परिवारों को भी प्रभावितों में शामिल किया गया है।
समीक्षा और प्रक्रिया
हालांकि, ये सूची अभी अंतिम नहीं है। लेकिन जितने परिवार अभी प्रभावितों में शामिल किए गए हैं, उन्हें फाइनल कर दिया गया है। एचपीपीसीएल की ओर से सूचना भी जारी की गई है कि यदि कोई बनाई गई प्रभावित लिस्ट से छूट गया हो तो वह अपना क्लैम दे सकता है।
भूमि चयन और पुनर्स्थापन प्रक्रिया
कार्पोरेशन द्वारा बांध से विस्थापित होने वाले परिवारों को अन्य स्थान पर बसाने को लेकर सिरमौर में ही चार अलग-अलग जगह पर 419 बीघा जमीन का चयन पहले ही कर लिया गया है, जिसमें अंबोया, टोकियो, चाकली और सैनवाला (पांवटा साहिब) शामिल है। इसके साथ-साथ एचपीपीसीएल अन्य जगहों पर भी जमीन की तलाश कर रहा है।
आपत्तियों और रोजगार के समाधान
अच्छी बात ये भी है कि एचपीपीसीएल जितने भी डैम प्रभावितों की ओर से जितनी भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनका भी गंभीरता से समाधान कर रहा है। यही नहीं, निर्माण के दौरान अधिकतर कार्यों में विस्थापित परिवारों को भी रोजगार उपलब्ध कराने का समाधान रखा गया है। मौजूदा समय में भी कई विस्थापित परिवारों के लोग रोजगार ले रहे हैं।
निदेशक की जानकारी
उधर, एचपीपीसीएल के निदेशक हरिकेष मीणा ने बताया कि डैम का निर्माण को लेकर लगभग सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, जिसमें बांध प्रभावितों के मुआवजे से लेकर उनके पुनर्स्थापन के लिए भी प्रभावितों की सूची तैयार की जा चुकी है। इसमें 1363 डैम प्रभावित परिवार हैं। इसके अलावा 95 ऐसे परिवार भी हैं, जो हाउसलैस अथवा लैंडलैस की श्रेणी में आते हैं। उनको भी प्रभावितों में शामिल किया गया है।