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शुभम कुमार छात्र बेहड जसवां ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) 2026 की परीक्षा उत्तीर्ण की, बिना कोचिंग हासिल की सफलता

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 27 Apr 2026 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

शुभम कुमार ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) 2026 में 87.34 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उन्नत परीक्षा के लिए पात्रता हासिल की है। बिना किसी कोचिंग के केवल ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जिससे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता सीमित संसाधनों में भी बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देती है।

ऊना

उपमंडल अंब के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेहड जसवां के छात्र शुभम कुमार ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 87.34 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उन्नत) के लिए पात्रता हासिल कर ली है। शुभम की इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।शुभम कुमार की सफलता इसलिए भी खास है। क्योंकि उन्होंने किसी भी प्रकार की कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर ही यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से पढ़ाई की और अपनी मेहनत व लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। सीमित संसाधनों के बावजूद शुभम ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सपना ठाकुर ने शुभम कुमार, उनके माता-पिता और परिवार को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि शुभम की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शुभम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यालय को अपने इस होनहार छात्र पर गर्व है।इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक भी उपस्थित रहे और उन्होंने शुभम को शुभकामनाएं देते हुए उसके प्रयासों की सराहना की। शिक्षकों ने बताया कि शुभम शुरू से ही मेहनती और लगनशील छात्र रहा है।

गौरतलब है कि शुभम कुमार एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे कठिन हालातों के बावजूद शुभम ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया।शुभम की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।