मानसून से पहले अलर्ट मोड पर सिरमौर प्रशासन, एक जुलाई से तैनात होगी एनडीआरएफ की टीम
दक्षिण-पश्चिम मानसून की संभावित आपदाओं को देखते हुए सिरमौर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष प्रियंका वर्मा ने सभी विभागों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही एक जुलाई से एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम की तैनाती सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।
नाहन
दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही सिरमौर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष प्रियंका वर्मा ने मंगलवार को सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।उपायुक्त ने बताया कि जिले में एक जुलाई से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 30 जवान तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को मशीनरी और उपकरणों की जांच कर खराब संसाधनों की समय रहते मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि मानसून के दौरान संचार व्यवस्था हर हाल में सुचारू रहनी चाहिए, ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और सहायता समय पर पहुंच सके। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद और नगर पंचायतों को सड़कों, नालियों और गलियों की समय रहते सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जलभराव जैसी स्थिति से बचा जा सके।उपायुक्त ने गिरी पावर परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए कि जटोन बांध से पानी छोड़ने से पहले प्रभावित क्षेत्रों में उद्घोषणा, सायरन और हूटर के माध्यम से लोगों को समय पर सूचना दी जाए। साथ ही नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
पांवटा साहिब क्षेत्र में यमुना नदी के संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, गोताखोरों तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा आपदा संभावित गांवों, सड़कों और पुलों की पहचान कर उनकी समय पर मरम्मत कराने को कहा गया।बैठक में नगर परिषद को अनुमति प्राप्त सूखे पेड़ों को शीघ्र हटाने, स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण रखने तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को खाद्यान्न और गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले के आपदा मित्रों को शीघ्र प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिले के अन्य उपमंडल अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आगामी मेगा मॉक ड्रिल में निर्धारित समय पर भाग लेकर उसे सफल बनाने के निर्देश भी दिए।