सिरमौर में पंचायत चुनावों को लेकर बढ़ा उत्साह, 5953 नामांकन दाखिल
सिरमौर जिले में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। विभिन्न पदों के लिए कुल 5953 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं, जिनमें प्रधान पद के लिए सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। कई ब्लॉकों में नामांकन के अंतिम दिन भारी भीड़ और चुनावी शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला।
नाहन
जिला सिरमौर में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के तीन दिनों में जिला भर में विभिन्न पदों के लिए कुल 5953 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद सीटों पर उम्मीदवारों ने बढ़-चढ़कर नामांकन भरे हैं, जिससे इस बार पंचायत चुनाव बेहद दिलचस्प और मुकाबलेदार होने के संकेत मिल रहे हैं।जारी नामांकन रिपोर्ट के अनुसार जिला परिषद सदस्य पद के लिए कुल 74 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। वहीं पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 474 नामांकन दाखिल हुए हैं। ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए सबसे अधिक 1452 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है, जबकि उप-प्रधान पद के लिए 1211 और वार्ड सदस्य पद के लिए 2742 नामांकन पत्र भरे गए हैं।
ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पांवटा साहिब सबसे आगे नजर आया है। यहां प्रधान पद के लिए सर्वाधिक 267 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा वार्ड सदस्य पद के लिए भी सबसे ज्यादा 690 नामांकन पांवटा साहिब ब्लॉक में दाखिल हुए हैं। उप-प्रधान पद पर यहां 226 और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 119 उम्मीदवारों ने नामांकन भरे हैं।राजगढ़ ब्लॉक में भी चुनावी उत्साह देखने को मिला। यहां प्रधान पद के लिए 251, उप-प्रधान के लिए 178 और वार्ड सदस्य पद के लिए 284 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। संगड़ाह ब्लॉक में प्रधान पद के लिए 171, जबकि पच्छाद में 192 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं।
नाहन ब्लॉक में प्रधान पद के लिए 140, ददाहू में 149, शिलाई में 180 और कमरऊ ब्लॉक में 102 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जिला परिषद सीटों की बात करें तो पांवटा साहिब ब्लॉक से सर्वाधिक 24 नामांकन प्राप्त हुए हैं, जबकि संगड़ाह से 12 और पच्छाद से 10 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है।नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को जिला भर में भारी भीड़ देखने को मिली। उम्मीदवार समर्थकों के साथ नामांकन केंद्रों तक पहुंचे और कई स्थानों पर चुनावी शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला। अब नाम वापसी और जांच प्रक्रिया के बाद पंचायत चुनावों की तस्वीर और साफ होगी।