हिमाचल में सीबीएसई शिक्षकों की काउंसलिंग जून में होगी, चुनाव ड्यूटी के चलते बदला शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया अब नगर निकाय और पंचायत चुनाव के बाद जून माह में आयोजित की जाएगी। चुनाव ड्यूटी में शिक्षकों की तैनाती के चलते शिक्षा निदेशालय ने पहले जारी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है।
शिमला
जून में दोबारा तैयार होगा काउंसलिंग शेड्यूल
सीबीएसई शिक्षकों से जुड़े 6200 पदों के लिए होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया अब जून माह में शुरू होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने चुनाव आयोग के पत्र के बाद यह निर्णय लिया है। पहले विभाग ने मई माह में काउंसलिंग आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन नगर निकाय और पंचायत चुनाव के चलते प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग नए सिरे से काउंसलिंग का शेड्यूल तैयार करेगा।
20 जून तक पूरी की जा सकती है प्रक्रिया
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया को 20 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि इसके बाद शिक्षकों को विभिन्न स्कूलों में स्टेशन आवंटित करने, रिक्त पदों का आकलन करने और समायोजन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अतिरिक्त समय लग सकता है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इन सभी प्रक्रियाओं के बाद नियुक्तियों को अंतिम रूप जुलाई अथवा अगस्त तक दिया जा सकता है।
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद लिया गया निर्णय
बताया जा रहा है कि शिक्षा निदेशालय ने पहले 11 मई से जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी तथा लेक्चरर श्रेणी के शिक्षकों की काउंसलिंग शुरू करने का निर्णय लिया था। इसी बीच चुनाव आयोग ने शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी कर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक काउंसलिंग स्थगित करने को कहा। आयोग का तर्क था कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव कार्यों में लगाई गई है और काउंसलिंग प्रक्रिया के समानांतर चलने से चुनावी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
विभाग नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा करने की तैयारी में
शिक्षा विभाग अब चुनाव समाप्त होने के बाद काउंसलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी कर रहा है। विभागीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के रिक्त पदों और स्कूलों की स्थिति को लेकर भी समीक्षा की जा रही है, ताकि नियुक्तियों के दौरान आवश्यक समायोजन किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित नियमों के तहत संपन्न करवाई जाएगी।