Vehicle Registration Fraud / निलंबित क्लर्क के 4 बैंक खाते सीज, पुलिस मुख्य सरगना की तलाश में सक्रिय
Himachalnow / सोलन
Vehicle Registration Fraud / सोलन पुलिस ने वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े के मामले में निलंबित आरएलए क्लर्क जितेंद्र ठाकुर के 4 बैंक खाते सीज कर दिए हैं। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य सरगना गौरव भारद्वाज की तलाश जारी है। पुलिस दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में दबिश देकर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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फर्जीवाड़े का खुलासा और गिरफ्तारी
सोलन आरएलए में सामने आए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार निलंबित पंजीकरण क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है और उनके 4 बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। सोमवार को गिरफ्तार 6 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मामले का मुख्य सरगना गौरव भारद्वाज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश कई राज्यों में जारी है।
फर्जीवाड़े का तरीका
इस मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब एसडीएम सोलन ने पुलिस को शिकायत दी कि यूपी नंबर के 3 ट्रालों को बिना एमवीआई की फिजिकल वेरिफिकेशन के फर्जी तरीके से पंजीकृत किया गया था। जांच में पता चला कि केवल 3 ट्रालों का नहीं बल्कि 50 से अधिक वाहनों का फर्जी पंजीकरण किया गया। इस फर्जीवाड़े के लिए 29 अक्टूबर, 2025 को वाहन पोर्टल पर दो फर्जी आईडी बनाई गई थीं, एक क्लर्क के नाम पर और दूसरी एसडीएम के नाम पर।
एसआईटी जांच और आगे की कार्रवाई
एसपी सोलन ने इस मामले की जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है। एसआईटी ने फर्जी पंजीकृत वाहनों की ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया और अब तक जितेंद्र ठाकुर, अनिल कुमार, राजकुमार, जितेंद्र कुमार, नरेश कुमार और विकास सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी जांच कर मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
एएसपी सोलन राजकुमार चंदेल ने बताया कि पुलिस लगातार सभी आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मुख्य सरगना गौरव भारद्वाज सहित अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। गिरफ्तार किए गए क्लर्क जितेंद्र ठाकुर के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई में पुलिस तकनीकी जांच और दस्तावेजी सबूत का विश्लेषण कर रही है।